
Rajasthan Police and University Of Manchester MoU
राजस्थान पुलिस ने अपने जवानों और अधिकारियों की कार्यक्षमता, मानसिक स्वास्थ्य और पुलिस कल्याण को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया है। जयपुर स्थित राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA) और यूनाइटेड किंगडम (UK) की प्रसिद्ध 'यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर' के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय जयपुर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा की मौजूदगी में दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने 5 वर्ष के लिए इस करार को अंतिम रूप दिया।
राजस्थान पुलिस के इतिहास में यह पहला मौका है जब खाकी पहनने वाले जवानों की मानसिक देखभाल, तनाव प्रबंधन और शैक्षणिक प्रगति के लिए किसी विदेशी शीर्ष विश्वविद्यालय के साथ इस स्तर का सीधे अनुसंधान और कल्याण आधारित समझौता किया गया है।
एमओयू हस्ताक्षर समारोह को संबोधित करते हुए राजस्थान पुलिस के मुखिया डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने इस साझेदारी के दूरगामी और सकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डाला। डीजीपी शर्मा ने कहा, "राजस्थान पुलिस का विशाल फील्ड एक्सपीरियंस व डेटा और मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी की अंतरराष्ट्रीय शोध विशेषज्ञता का यह समन्वय पुलिसिंग, पुलिस वेलफेयर और पुलिस प्रशिक्षण के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।"
24 घंटे की कठिन ड्यूटी और तनावपूर्ण स्थितियों में काम करने वाले पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए उन्होंने कहा कि इस समझौते से अधिकारियों व कर्मचारियों को मानसिक तनाव से उबारने और उनके बेहतर जीवन स्तर के लिए वैज्ञानिक सिफारिशें प्राप्त होंगी।
यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के 'स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज' के साथ शुरू हुआ यह 5-वर्षीय करार पुलिस महकमे के लिए कई बड़े दरवाजे खोलेगा।
मानसिक स्वास्थ्य व सोशल केयर पर जॉइंट रिसर्च: पुलिसकर्मियों के मेंटल हेल्थ, स्वास्थ्य विज्ञान, और वेलफेयर से जुड़े विषयों पर यूके के वैज्ञानिक और राजस्थान पुलिस के विशेषज्ञ मिलकर संयुक्त शोध परियोजनाएं चलाएंगे।
डिस्टेंस लर्निंग और सर्टिफिकेशन: राजस्थान पुलिस के अधिकारियों और फील्ड कर्मचारियों के लिए मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार विशेष डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम, सर्टिफिकेट कोर्स, सेमिनार, वर्कशॉप और ऑनलाइन/ऑफलाइन व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे।
इंटरनेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम: समझौते के तहत दोनों संस्थानों के बीच शोधार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और पुलिस विशेषज्ञों के आदान-प्रदान का रास्ता साफ हुआ है।
पीएच.डी. सह-मार्गदर्शन : इस एमओयू में पीएचडी स्तर पर को-गाइडेंस, विजिटिंग फैकल्टी की व्यवस्था, संयुक्त अकादमिक प्रकाशन और शॉर्ट-टर्म एकेडमिक कोर्स की भी ठोस व्यवस्था की गई है।
अक्सर माना जाता है कि पुलिस बल में ट्रेनिंग केवल हथियार चलाने या कानून-व्यवस्था संभालने तक सीमित रहती है, लेकिन यह एमओयू इस पारंपरिक सोच को पूरी तरह बदल रहा है। इस समझौते का सीधा फायदा थानों में तैनात उन पुलिसकर्मियों को मिलेगा जो दिन-रात ड्यूटी के दौरान भारी मानसिक दबाव का सामना करते हैं।
राजस्थान पुलिस अकादमी अब विदेशी शैक्षणिक विशेषज्ञता से जुड़कर आधुनिक अंतरराष्ट्रीय पुलिसिंग और संवेदनशील व्यवहार पद्धतियों को अपनी बुनियादी ट्रेनिंग में शामिल कर सकेगी।
पुलिस मुख्यालय जयपुर में आयोजित इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम में दोनों ही पक्षों से उच्च स्तरीय प्रशासनिक और शैक्षणिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। राजस्थान पुलिस अकादमी की तरफ से अतिरिक्त निदेशक शंकरदत्त शर्मा ने आधिकारिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।
यूके की यूनिवर्सिटी की ओर से प्रो. (डॉ.) विमल कुमार शर्मा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के प्रतिनिधिमंडल में प्रो. कैथरीन रॉबिन्सन और डॉ. एमिली बेबिंगटन भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। राजस्थान पुलिस के डीजीपी राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में यह पूरा कार्यक्रम संपन्न हुआ।
इस दौरान अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था व साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (R.A.C.) रूपिंदर सिंह तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार सहित पीएचक्यू के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ट्रेनिंग) राघवेंद्र सुहास ने सभी का आभार व्यक्त किया।
Updated on:
29 Jul 2026, 10:03 AM IST
Published on:
29 Jul 2026, 10:03 AM IST
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