सीकर

VIDEO : वर्ष 2018 में देखने को मिलेगा मंदसौर किसान आंदोलन का पार्ट-2 व सीकर किसान आंदोलन रिटनर्स, महिलाओं को ये जिम्मेदारी

सितम्बर 2017 में हुए समझौते को लागू नहीं करती है तो फरवरी 2018 में मंदसौर किसान आंदोलन पार्ट -2 और सीकर किसान आंदोलन रिटनर्स देखने को मिल सकता है।
2 min read
• •
Updated: 21 Dec 2017, 11:32 AM IST
Sikar kisan andolan

सीकर. शेखावाटी में सीकर के किसान फिर मंदसौर की राह पर चलने की तैयारियां कर रहे हैं। राजस्थान सरकार अगर सीकर के किसानों के साथ सितम्बर 2017 में हुए समझौते को लागू नहीं करती है तो फरवरी 2018 में हमें मंदसौर किसान आंदोलन पार्ट -2 और सीकर किसान आंदोलन रिटनर्स देखने को मिल सकता है।


कर्ज माफी को सरकार की ओर से लागू नहीं करने पर अगले वर्ष फरवरी माह में अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले आंदोलन किया जाएगा। जिसकी अगुवाई के लिए सीकर का किसान तैयार हो रहा है। यह घोषणा बुधवार को अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले सीकर में आयोजित किसान संसद में किसान सभा के राज्याध्यक्ष पेमाराम ने की।

सरकार ने लिखित में समझौता करके हर किसान के 50 हजार रुपए का कर्जामाफ करने की सहमति की तथा एक माह में इसको लागू करने के लिए एक माह का समय लिया था। 3 माह बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। राज्य सरकार कर्जामाफी का समझौता लागू नहीं करती है तो पूरे राज्य में तैयारी करके फरवरी माह में लाखों किसान महिलाओं के साथ जयपुर कूच कर विधानसभा का घेराव करेंगे।

दो कानून पास लेकिन लागू नहीं
किसान संसद में किसान सभा के जिला महासचिव सागर खाचरिया ने किसान सभा के 34वें राष्ट्रीय सम्मेलन की रिपोर्टिंग करते हुए कहा कि आज किसान गलत आर्थिक नीतियों के वजह से खेती लागत बढऩे व भाव नहीं मिलने से कर्जदार हुआ है तथा आत्महत्या करने को मजबूर है। किसान सभा के नेतृत्व में देश के 184 संगठनों ने नई दिल्ली में किसानों की संसद बुलाई।

संसद में किसानों का संपूर्ण कर्जा माफ हो तथा दूसरा फसलों का भाव लागत में 50 प्रतिशत जोडकऱ देने के प्रस्ताव पास किए लेकिन हकीकत में कुछ नहीं है। इसे देखते हुए अब प्रत्येक गांव में किसान संसद बुलाकर आन्दोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

इन्होंने किया सम्बोधित
किसान संसद को रामरतन बगडिय़ा, किशन पारीक, रूड़सिंह, झाबर ओला, महिपाल चैलासी, सुरेश थालौड़ व रामेश्वर ने संबोधित की और निर्णायक आंदोलन की मजबूत तैयारी की अपील की। संसद में सेवद बड़ी, दीपपुरा, दुगोली, मौल्यासी, तासर बड़ी, जगतपुरा, तासर छोटी, फागलवा, श्यामपुरा, सिहोट छोटी, परडोली, नानी व चंदपुरा के किसानों ने भाग लिया।

अध्यक्षता रामेश्वर जांगिड़ दुगोली, नोपाराम चैलासी व सूरजाराम परडोली के अध्यक्ष मण्डल ने की। कासली, नागवा, नेतड़वास व कंवरपुरा ग्राम पंचायतों की किसान संसद 22 दिसम्बर को कासली में होगी। माकपा के जिला सचिव किशन पारीक ने 24 दिसंबर को झुंझुनूं में होने वाली आम सभा के बारे में बताया।

Updated on:
21 Dec 2017, 11:32 AM IST
Published on: