सीकर

राजस्थान में यहां ‘गब्बर सिंह’ के खौफ से चार गुना रुपए चुकाकर भी इसे करना पड़ा सुसाइड

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Updated: 6 Jul 2018, 10:39 AM IST
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सीकर. सूदखोरी का कर्ज युवा अपनी जान देकर चुका रहे हैं और पुलिस तथा प्रशासन हाथ पे हाथ धरे बैठे हैं। 17 दिन में शहर का यह दूसरा मामला सामने आया है। जिसमें चार गुना कर्ज चुकाने के बाद भी जब सूदखोरों ने युवक का पीछा नहीं छोड़ा तो उसने परेशान होकर मौत को गले लगा लिया।अब सूदखोरों के कारण मौतों का सिलसिला नहीं थमने से लोगों में चर्चा होने लगी है कि सूदखोर 'गब्बर सिंह' से भी खतरनाक साबित हो रहे हैं। कई गुना रुपए वसूलने के बाद भी कर्जदार का पीछा नहीं छोड़ रहे।

सीकर शहर में देवीपुरा रोड स्थित वार्ड संख्या 30 के जावेद पुत्र कासम अली ने गुरुवार की दोपहर कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों का कहना है कि जावेद ने रुपए उधार ले रखे थे। गुरुवार सुबह ही बिना नंबर को एक गाड़ी में कुछ लोग आए थे।


उन्होंने जावेद को धमकाया बताया और इसके बाद वह कमरे में फंदे पर झूल गया। हालांकि गाड़ी में कौन आए। उन्हें वे नहीं जानते, लेकिन सूदखोरी में अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस को रिपोर्ट दी गई है। जानकारी के अनुसार हमजा मस्जिद के सामने रहने वाला 30 वर्षीय जावेद मणियार ने अपने कमरे में फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी।


इससे पहले जब वह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकला तो परिजनों को शक होने पर कमरे का दरवाजा खटखटाया। कमरा अंदर से बंद होने के बाद गेट तोड़कर देखा तो जावेद पंखे से झूलता हुआ मिला। नीचे उतारने पर उसके शरीर में थोड़ी बहुत जान बाकी थी। इसके बाद उसे 108 एंबुलेंस में एसके अस्पताल भिजवाया गया। लेकिन, यहां पहुचंने के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मोर्चरी में जावेद का पोस्टमार्टम कर शव को परिजनों को सौंप दिया गया। जावेद के भाई मोहम्मद शरीफ ने पुलिस को रिपोर्ट दी है कि पिछले कुछ दिनों से अज्ञात लोग उसकी गोकुलपुरा स्थित लाख की चूडिय़ों की दुकान तथा घर पर चक्कर लगा रहे थे। तीन-चार दिन से एक बिना नंबरी गाड़ी भी उसके घर के बाहर आ-जा रही थी। यह गाड़ी सुबह भी आई थी।


जावेद के भाई शरीफ का आरोप है कि इन्हीं लोगों के भारी कर्जा एवं ब्याज के दबाव व मानसिक यंत्रणा के चलते जावेद ने मौत को गले लगाया है। बताया जाता है कि जावेद पिछले कुछ समय से परेशान था। परिवार के लोगों ने उसे पूछा भी मगर उसने खुल कर कभी कुछ नहीं बताया। एक बार बातचीत में इतना ही कहा कि कुछ लोगों का कर्जा है। जिसे उसे चुकाना है। उसने यह भी बताया कि उसने लिए गए कर्ज से चार गुना तक चुका दिया है। फिर वे लोग तकाजा कर रहे हैं।

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