सीकर. प्रदेश के लोगों को गुणवत्ता वाली दवाएं ही मिले इसके लिए ओषधि नियंत्रण विभाग की ओर से हर माह दो बार प्रत्येक जिले से सैम्पल लिए जाते हैं। इन सैम्पल की रिपोर्ट के अनुसार संबंधित निर्माता कंपनी पर कार्रवाई की जाती है।
सीकर. मरीजों की जान बचाने वाली दवाएं ही अब उनकी सेहत के लिए खतरा बनती जा रही हैं। प्रदेश में दवा जांच प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट में लगातार एंटीबायोटिक, जीवनरक्षक इंजेक्शन, हार्ट की दवा, नसों की कमजोरी दूर करने वाली दवाएं, सर्दी-जुकाम की सिरप और यहां तक कि मेहंदी कोन तक जांच में फेल हो रहे हैं। यह खुलासा औषधि नियंत्रण विभाग की ओर से एक मई से पन्द्रह मई तक लिए गए सैम्पल की जांच रिपोर्ट में हुआ है। जांच रिपोर्ट के अनुसार कई दवाओं में जरूरी घुलनशील तत्व तक नहीं मिले, जबकि कुछ दवाएं तय गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरीं। ड्रग कंट्रोल विभाग ने ऐसी दवाओं के सैम्पल फेल होने के बाद संबंधित बैच बाजार से वापस मंगवाने के निर्देश दिए हैं। निर्माता कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं। लगातार हर पखवाड़े सामने आ रही रिपोर्टों ने मरीजों की चिंता बढ़ा दी है। चिकित्सकों का कहना है कि अमानक दवा से बीमारी ठीक होने में देरी, संक्रमण बढ़ने और दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने का खतरा रहता है।
एंटीबायोटिक और इंजेक्शन को लेकर जांच में जिन दवाओं के सैम्पल फेल हुए उनमें एंटीबायोटिक टैबलेट, आईवी इंजेक्शन, हार्ट मरीजों की दवा, विटामिन और न्यूरो सप्लीमेंट, सर्दी-जुकाम की दवा और दर्द निवारक दवाएं शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार जीवनरक्षक इंजेक्शन और एंटीबायोटिक की गुणवत्ता खराब होना सबसे गंभीर मामला है, क्योंकि इससे मरीज की हालत बिगड़ सकती है। चिकित्सकों के अनुसार कई मरीजों में दवा का असर नहीं होने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। जांच में सामने आया कि कुछ दवाओं में सक्रिय तत्व निर्धारित मात्रा से कम थे, जबकि कुछ में घुलनशीलता मानक के अनुरूप नहीं मिली। ऐसे में दवा शरीर में सही तरीके से असर ही नहीं कर पाती।
विशेषज्ञों का कहना है कि दवा लेने के बाद भी बीमारी में सुधार नहीं हो रहा या उल्टा परेशानी बढ़ रही है तो मरीज तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। बिना चिकित्सक की सलाह दवा बदलना भी खतरनाक हो सकता है। ड्रग कंट्रोल विभाग ने अमानक पाए गए बैचों की बिक्री रोकने, स्टॉक जब्त करने और दवा कंपनियों से जवाब मांगने की कार्रवाई शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि लगातार सैम्पलिंग अभियान चलाया जा रहा है और मरीजों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
क्यूसीई पोड- 200 एमजी- बैच नम्बर vt241139--7/2026
सिप्रोफ्लोक्सिन 500 एमजी- बैच नम्बर cpt 24096--11/2027
जैस्मीन मेहंदी कोन- बैच नम्बर1225jh-30/6/2026
डेक्सामीथासोन सोडियम इंजेक्शन 10 एमएल- v250909-8/2026
रोसू होप- गोल्ड 20 फोर्ट- बैच नम्बर- sibp25509-7/2027
बीथानेकॉल क्लोराइड यूएसपी- 23 एमजी- t251976-9/2027
डेक्सामीथासोन इंजेक्शन दो एमएल बैच नम्बर- agdx23-03/2027
नीमूस्लाइड एंड पैरासिटामोल नीमक्यू प्लस- बैच नम्बर t25066-10/2027