सीकर

8 वर्षीय मासूम से हैवानियत, दोषी को अंतिम सांस तक कारावास, जज ने कहा- ऐसे अपराध होते रहे तो घरों के बाहर खेलने से भी डरेंगे बच्चे

आठ साल की मासूम के साथ बलात्कार करने वाले दरिंदे को पोक्सो कोर्ट संख्या एक ने अंतिम सांस तक कारावास की कठोर सजा सुनाई है। पिछले साल घर के पास खेल रही मासूम को खंडहर में ले जाकर आरोपी ने हैवानियत की थी।

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Apr 01, 2026
फाइल फोटो पत्रिका

सीकर। आठ साल की मासूम के साथ बलात्कार करने वाले दरिंदे को पोक्सो कोर्ट संख्या एक ने अंतिम सांस तक कारावास की कठोर सजा सुनाई है। पिछले साल घर के पास खेल रही मासूम को खंडहर में ले जाकर आरोपी ने हैवानियत की थी। केस ऑफिसर स्कीम में शामिल मामले में जज विक्रम चौधरी ने फैसला सुनाते हुए गंभीर टिप्पणी भी की है। उन्होंने कहा कि- ऐसे ही अपराध होते रहे तो बच्चे घरों से बाहर खेलने से भी डरेंगे। खास बात ये भी है कि दो साल पहले ही आरोपी इसी कोर्ट में बलात्कार के एक केस में संदेह का लाभ मिलने पर बरी हुआ था। पर इस बार वह कानूनी शिकंजे में कसा गया।

टॉफी के बहाने ले गया था आरोपी

लोक अभियोजक भवानी सिंह जेरठी ने बताया कि 21 मई 2025 को ग्रामीण इलाके की पीड़िता शाम करीब 5 बजे अपने घर के पास बच्चों के साथ खेल रही थी। उसके माता-पिता दो बच्चों को लेकर मजदूरी पर गए हुए थे। तभी आरोपी टॉफी का लालच देकर उसे अपने साथ ले गया और खंडहर में ले जाकर उसके साथ दरिंदगी की। माता-पिता के लौटने पर जब मासूम घर नहीं मिली तो तलाशने पर वह खंडहर में लहूलुहान हालत में मिली। पूछने पर उसने दर्द से कराहते हुए आपबीती बताई। अस्पताल ले जाकर पुलिस को शिकायत देने पर मुकदमा दर्ज किया गया।

केस ऑफिसर स्कीम में सुनवाई

घटना के कुछ घंटों में ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। 12 जून को मामले में चार्जशीट पेश होने के बाद केस को केस ऑफिसर स्कीम में शामिल किया गया। अभियोजन पक्ष से 31 गवाह, 61 दस्तावेज और 17 साक्ष्य पेश किए गए। जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी को आखिरी सांस तक जेल और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर योजना से मिले 1.75 लाख रुपए के अलावा कोर्ट ने अब अतिरिक्त 5 लाख रुपए देने की अनुशंसा और की है।

पहले केस में हुआ बरी, दूसरे में सजा

लोक अभियोजक ने जेरठी ने बताया कि आरोपी पूर्व में भी नाबालिग से रेप के मामले में सहयोगी रह चुका था। 2024 में मुख्य आरोपी को तो सात साल की सजा हुई थी, लेकिन संदेह के लाभ से वह बरी हो गया था। इससे ही उसका हौंसला बढ़ गया और उसने आठ साल की मासूम को शिकार बना लिया।

Updated on:
01 Apr 2026 07:48 pm
Published on:
01 Apr 2026 07:45 pm
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