बेनीवाल मंगलवार को सीकर के लक्ष्मणगढ़ इलाके में सूतोद गांव में वीर तेजाजी महाराज की मूर्ति और धर्मशाला शिलान्यास कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए पहुंचे थे।
सीकर। 2003 से लेकर पिछले 20 सालों में सत्ता मेरे पीछे घूमती रही और मैं आगे आगे चला रहा। जब इच्छा हो सरकार में शामिल हो सकता हूं। चाहूं तो दिल्ली की सरकार में या फिर स्टेट की सरकार में। यह कहना है कि नागौर सांसद और आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल का। बेनीवाल मंगलवार को सीकर के लक्ष्मणगढ़ इलाके में सूतोद गांव में वीर तेजाजी महाराज की मूर्ति और धर्मशाला शिलान्यास कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए पहुंचे थे।
इस दौरान एक सभा में बेनीवाल ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि जब देश का किसान तकलीफ में था तो हरियाणा और यूपी के किसानों से मुझसे कहा था कि अगर आप जयपुर दिल्ली के राजमार्ग को जाम कर दो तो बड़ी ऊर्जा मिलेगी। इसके बाद मैंने एनडीए को छोड़ दिया। जब सेना के सम्मान पर ठेस पहुंची तो मैंने रैली करके प्रधानमंत्री मोदी को चुनौती दी। अग्निपथ के विरोध का परिणाम है कि सरकार जहां 25 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी करने की बात करती थी वह आंकड़ा अब 50 प्रतिशत पर आ गया है।
बेनीवाल ने कहा कि जब तक हम एक साथ खड़े नहीं होंगे तब तक हमारा सत्ता पर कब्जा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हम उस समाज से आते हैं जिसने कभी हार नहीं मानी। जिस समाज ने दिल्ली के तख्त ताज बदल दिए। समाज को तोड़ने के लिए लगातार प्रयास हुआ। समाज से कई पंथ बने और कई लोग धर्मों में चले गए, लेकिन समाज को कोई तोड़ नहीं पाया। बेनिवाल ने मुख्यमंत्री गहलोत पर तंज कसते हुए कहा कि मुझे समर्थक इतना फोन करते हैं कि उनके फोन के चक्कर में मैं जरूरी फोन भी नहीं उठा पाता। इतना कोई अशोक गहलोत को नहीं करता है। बेनीवाल ने कहा कि मिशन 2023 पूरा करना है। कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक, उप जिला प्रमुख ताराचंद धायल, तेजा सेना के श्रीराम बिजारणियां, सचिन पिलानियां सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।