सीकर

सीकर के सूदखोर 90 हजार के बदले ले रहे नौ लाख, मकान मालिक को ही बना डाला किराएदार

https://www.patrika.com/sikar-news/

2 min read
Jul 09, 2018
sikar

सीकर. सूदखोरी में एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। जिसमें उधार दिए गए चंद रुपयों के बदले सूदखोर ने अंगूठा लगा खाली स्टांप गिरवी रख लिया और फिर उसी स्टांप झूठा किरायानामा बनाकर मकान मालिक को किराएदार साबित कर उसका मकान अपने नाम करवा लिया बताया। इसके बाद भी उधारी के 90 हजार के बदले नौ लाख रुपए की मांग पीडि़त परिवार की जा रही है।

अन्यथा मकान खाली करवा कर उसे घर से बाहर निकालने की धमकी दी जा रही है। जबकि हाथ ठेला लगाकर अपने परिवार का पेट पाल रहे पीडि़त की पत्नी न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक तक गुहार लगा चुकी है। लेकिन, सूदखोर रसूखदार होने के कारण पुलिस भी उस पर कार्रवाई करने में आनकानी कर रही है।

वार्ड संख्या 49 की निवासी अलहमदो बानो ने पुलिस अधीक्षक को परिवाद दिया था। जिसमें उसने सूदखोर से पीछा छुड़ाने और सूदखोर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग शामिल थी। पीड़ा बयां की थी कि 2014 में उसने एक व्यक्ति से एक लाख 10 हजार रुपए पांच उधार लिए थे। जिसका ब्याज सूदखोर ने पांच रुपए प्रति सैकड़ा लगाया।

इसके दो महीने बाद फिर 20 हजार रुपए 20 रुपए प्रति सैकड़ा का ब्याज लगा। उसने इसके बदले 40 हजार रुपए का भुगतान भी कर दिया। लेकिन, अब सूदखोर बाकी बचे 90 हजार के बदले नौ लाख रुपए मांग रहा है। खाली स्टांप के जरिए किरायानामा तैयार कर उसका मकान हथिया लिया। मकान के दस्तावेज व आधे प्लाट की नोटेरी भी उसके पास गिरवी रखी है।


सूदखोर महिलाओं पर भी आरोप

पीडि़त महिला का कहना है कि बीमारी की मजबूरी और अपने बेटे को विदेश भेजने के लिए उधार लिए गए रुपए उसके लिए नासूर बन गए हैं। आरोप है कि उसने जगमालपुरा रोड पर रहने वाली एक महिला से जरूरत पडऩे पर केवल 25 हजार रुपए लिए थे।

बदले में उसे डेढ़ लाख चुकाने पड़े। इसके बाद भी संबंधित महिला उस पर 80 हजार रुपए और देने का दबाव बना रही है। यहीं की एक और सूदखोर महिला से 40 हजार रुपए पांच रुपए सैकड़ा लेकर 80 चुकाए वह भी पेनल्टी के एक लाख दस हजार रुपए और लेने पर आमादा है। क्योंकि उसके पास अगूठा लगा खाली स्टांप गिरवी पड़ा है।

छूटा रोजगार

अलहमदो बानो के पति अब्दुल रसीद का कहना है कि मूल और सूद चुकाने के चक्कर में उसका रोजगार भी छूट चुका है। जबकि वह ठेले पर बिस्किट, कुरकुरे व बाकी सामान बेचकर अपना गुजारा चला रहा था। पीडि़त पक्ष का कहना है कि ऐसे में यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे लोग समाज का साथ लेकर पुलिस के अच्च अधिकारियों से दोबारा मिलेंगे।

Published on:
09 Jul 2018 12:22 pm
Also Read
View All