प्रदेश में कोटा के बाद एज्यूकेशन हब के रूप में प्रसिद़्ध सीकर जिले की आबादी में पिछले 12 साल में करीब छह लाख बढ़ गई है। एक दशक में सीकर शहर का दायरा बढ़ा और नगर विकास न्यास में दो दर्जन से ज्यादा गांव शामिल हुए। वर्ष 2011 की साक्षरता दर में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
प्रदेश में कोटा के बाद एज्यूकेशन हब के रूप में प्रसिद़्ध सीकर जिले की आबादी में पिछले 12 साल में करीब छह लाख बढ़ गई है। एक दशक में सीकर शहर का दायरा बढ़ा और नगर विकास न्यास में दो दर्जन से ज्यादा गांव शामिल हुए। वर्ष 2011 की साक्षरता दर में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों के अनुसार सीकर जिले की वर्ष 2011 में जनसंख्या 26 लाख से अधिक थी जो अब बढ़कर 32 लाख तक पहुंच गई है। वहीं बढ़ती आबादी के साथ एक दशक में जिले में नए उपखंड मुख्यालय व तहसीलों की संख्या बढ़ी है। इसके अलावा शहर का दायरा भी ढाई किमी से बढ़कर साढ़े चार किमी से ज्यादा हो गया है।
एक दशक में नगर परिषद, यूआईटी व राजस्थान आवासन मंडल से अधिक निजी कॉलोनाइजरों ने बहुमंजिला इमारतें एवं नई कॉलोनियां काटी। एक दशक पहले 29 कॉलोनियां थी, जो अब 35 से अधिक हो गई।
2021 में नहीं हुई जनगणना
वर्ष 2021 में देश में जनगणना प्रस्तावित थी, लेकिन कोरोना के कारण नहीं हो सकी। जिले की आबादी अक्टूबर 2022 तक 29 लाख 23 हजार 930 मानी जा रही है। पिछले 9 माह की बात करे तो यह आंकड़ा 30 लाख से पार हो चुका है।
चाहिए फुटओवर ब्रिज
सीकर शहर के लगातार विस्तार के साथ वाहनों की संख्या बढ़ रही है। शहर की एकमात्र नवलगढ़ पुलिया पर यातायात का भार बढ़ गया है। जिससे यहां हर दिन जाम लगता है। ऐसे में शहर के लोगों की मांग है कि रेलवे पुलिया पर एक फुट ओवर ब्रिज बने। और शहर में ट्रेफिक लाइट लग जाए तो बेतरतीब वाहनों से निजात मिल जाएगी।
एक दशक में जिले को सौगात
मेडिकल कॉलेज
सांवली और कल्याण अस्पताल में चार सौ बेड के नए अस्पताल
जिला मुख्यालय पर जनाना अस्पताल
सीवरेज लाइनें से घर जुड़ने लगे
नगर परिषद के ऑटो टीपर वार्डों से उठा रहे कचरा
2011 के अनुसार
आबादी- 2677,333
ग्रामीण आबादी- 2,043,427
शहरी आबादी- 633,906
साक्षरता प्रतिशत- 75.36%
आंकड़े 2023 में
आबादी- 3265896
ग्रामीण-1895621
शहरी-1370275
साक्षरता प्रतिशत- 87.36%