सीकर. जिला मुख्यालय के सबसे जनाना अस्पताल की अव्यवस्थाओं की पोल खुलते ही प्रशासन हरकत में आ गया है। राजस्थान पत्रिका में खबर के प्रकाशन के बाद गुरुवार सुबह ही सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) के अधिकारी और चिकित्सक कल्याण अस्पताल पहुंच गए और टीम के साथ जनाना अस्पताल का जायजा लेकर व्यवस्थाओं की हकीकत देखी।
सीकर. जिला मुख्यालय के सबसे जनाना अस्पताल की अव्यवस्थाओं की पोल खुलते ही प्रशासन हरकत में आ गया है। राजस्थान पत्रिका में खबर के प्रकाशन के बाद गुरुवार सुबह ही सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) के अधिकारी और चिकित्सक कल्याण अस्पताल पहुंच गए और टीम के साथ जनाना अस्पताल का जायजा लेकर व्यवस्थाओं की हकीकत देखी। टीम ने अस्पताल में बंद कूलर, डक्टिंग और वाटर कूलर सहित मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं और पीडब्लूडी की टीम ने बंद उपकरणों को शुरू करने के लिए एस्टीमेट तैयार किया गया। मौजूदा हालात व मरीजों को गर्मी से बचाने के लिए जरूरी उपकरण की सूची तैयार की। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने पीडब्लूडी से चौबीस घंटे में अब तक खर्च की गई राशि के बिल देने के निर्देश दिए। गौरतलब है अस्पताल में पीडब्लूडी चौकी बनाने के समय एस्टीमेट के अनुसार अस्पताल ने मेडिकल रीलिफ सोसाइटी के जरिए एक करोड़ बीस लाख रुपए का भुगतान किया था।
नेहरू पार्क िस्थत सरकारी जनाना अस्पताल मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध है। सरकार की ओर से पीडब्लूडी चौकी बनाते समय अधिकारियों को कल्याण अस्पताल के साथ जनाना अस्पताल की देखरेख के लिए जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद अधिकारियों व ठेकेदार ने कल्याण अस्पताल में तो काम करवाना शुरू कर दिया लेकिन जनाना अस्पताल की ओर ध्यान देना बंद कर दिया। शिकायत करने पर एडवांस राशि पूरी होने का हवाला देकर काम को टालते रहे और अस्पताल से दूरी बना ली। जिसका नतीजा रहा कि जनाना अस्पताल में कई जगह हालात बदतर हो गए। अस्पताल ने मरीजों को तत्काल राहत देने के लिए खुद के स्तर पर काम करवाने के लिए राजस्थान मेडिकल एज्यूकेशन सोसाइटी के अधिकारियों से मार्ग दर्शन मांगा है।
जनाना अस्पताल में साफ-सफाई, पेयजल, बिजली और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति अब उच्च स्तर पर मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। जिसमें कॉलेज प्रशासन, केयर टेकर, पीडब्लूडी के संबंधित अधिकारी शामिल होंगे। ग्रुप के जरिए हर छोटी-बड़ी गतिविधि की निगरानी होगी। समस्या के निवारण को लेकर अब लेटलतीफी नहीं की जाएगी। जिला प्रशासन का नुमाइंदा ग्रुप में शामिल होने से अस्पताल से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत की लगातार मॉनिटरिंग होगी। निरीक्षण रिपोर्ट सीधे उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
पीडब्लूडी के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पीडब्लूडी से अब तक खर्च राशि के बिल और जनाना अस्पताल प्रभारी से मौजूदा िस्थति की रिपोर्ट मांगी गई है। वाट्सएप ग्रुप बना दिया गया है। मरीजों को तत्काल राहत देने के लिए उच्चाधिकारियों से मार्ग दर्शन मांगा है। मरीजों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
डॉ. प्रियंका अमन, अधीक्षक, कल्याण अस्पताल