सीकर

प्रदेश के बेरोजगारों में कॉमन पात्रता परीक्षा का बढ़ रहा इंतजार

Feb 01, 2026
एसएसएलसी प्रारंभिक परीक्षा
file photo

सीकर. सरकार के तमाम दावों के बाद भी प्रदेश के बेरोजगारों को राहत नहीं मिल पा रही है। पिछली सरकार के 20 से अधिक विभागों की सरकारी नौकरियों को सीईटी (कॉमन पात्रता परीक्षा) के दायरे में लाया गया था। लेकिन अब समय पर पात्रता परीक्षा नहीं होने की वजह से प्रदेश के 18 लाख से अधिक बेरोजगारों की नौकरी की आस कमजोर हो रही है। दरअसल, सरकार ने इस साल पात्रता परीक्षा के नियम बदलने का दावा किया था। लेकिन अभी तक नियमों में बदलाव की फाइल के कर्मचारी चयन बोर्ड तक नहीं पहुंचने की वजह से पात्रता परीक्षा उलझ रही है। बेरोजगारों की ओर से लगातार सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा उठाया जा रहा है। हालांकि बोर्ड की ओर से कई बार यह परीक्षा फरवरी महीने में ही कराने का दावा किया जा चुका है।

नई पात्रता में कई बदलाव

सरकार की ओर से नई पात्रता परीक्षा के लिए नियमों में संशोधन करने की तैयारी है। प्रस्ताव के अनुसार पात्रता परीक्षा में पहले जहां 45 फीसदी पर युवा क्वालीफाई होते थे। पात्रता परीक्षा में बदलाव के बाद 60 फीसदी अंक लाने पर ही क्वालीफाई करने का प्रस्ताव है। हालांकि पात्रता परीक्षा की वैधता बढ़ाने को लेकर तो घोषणा हो चुकी है।

फरवरी में समाप्त होगी वैधता

चयन बोर्ड की ओर से पिछले साल हुई सीइटी की परीक्षा का परिणाम फरवरी 2025 में जारी हुआ था। इन प्रमाण पत्रों की वैधता अगले साल फरवरी महीने में समाप्त होगी। सका अर्थ है कि यदि नई सीईटी समय पर नहीं हुई, तो फरवरी के बाद राज्य में एक भी अभ्यर्थी ऐसा नहीं बचेगा जिसके पास वैध सीईटी स्कोर हो। ऐसी स्थिति में उन सभी भर्तियों की प्रक्रिया भी रुक जाएगी जिनमें सीईटी अनिवार्य है।

नई परीक्षाओं पर दिखेगा असर

बोर्ड ने नई सीईटी स्नातक स्तर की परीक्षा 20–22 फरवरी और सीनियर सेकंडरी स्तर की परीक्षा 8–10 मई के बीच कराने की तिथियां घोषित कर रखी हैं। लेकिन इसी अवधि में बोर्ड परीक्षाएं भी प्रस्तावित हैं, जिससे फरवरी में सीईटी आयोजित करना और कठिन हो गया है।

Updated on:
01 Feb 2026 12:28 pm
Published on:
01 Feb 2026 12:28 pm