
बावड़ी. एनएच ५२ पर स्थित ग्राम पंचायत ठीकरिया में गुरुवार रात्रि को एक गोदाम, एक घर व एक प्राचीन सत्यराम दादूदयाल महाराज मंदिर में चोरी हो गई। सूचना पर रींगस पुलिस ने तीनों घटनास्थल का जायजा लिया। श्याम सुन्दर गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार सुबह ११ बजे गोदाम में सामान लेने के लिए गया तो गोदाम का मेनगेट व चार कमरों के ताले टूटे मिले। गोदाम के कमरों में रखा सामान तरपाल, लौहे की सांकल, नील, फेवीकोल, डिस्टम्बर, जीआई तार, अन्य सामान नहीं मिला। राप्रावि ढाणी काजलान रेलवे स्टेशन ठीकरिया की अध्यापिका सुमन शर्मा ने बताया कि करीब १२ साल से ठीकरिया में किराये के मकान में रह रही थी, जो मंगलवार को ड्यूटी कर दोपहर बाद झुन्झुनंू जिले के बूडाना गांव गई थी। सूचना पर सुमन शर्मा, पति राजकुमार व परिवार के लोग पहुंचे तो देखा कि मकान का मेनगेट, छ कमरों का ताला टूटे हैं। चोरों ने कमरें में रखा सामान एलइडी, चांदी की पांच पाजेब, सोने की दो जोड़ी झुमके, सोने की चेन, सोने की अंगूठी, स्कूल वाहन का किराया व स्वयं की नकदी सहित करीब ४० हजार रुपए चोरी हो गए। इतना ही नहीं कमरे में रखा सामान भी बिखेर दिया।
मंदिर पुजारी चेतदनदास एवं छीगनदास ने बताया कि सत्यराम दादूदयाल महाराज का मंदिर का मेनगेट व सात कमरों के ताले टूटे मिले। मंदिर की तिजौरी को तोड़कर चांदी के बीस सिक्के , तीन सोने के मादलिया, चांदी का एक गिलास, चांदी के कड़ी व कडा सेट, चांदी की दो जोड़ी पाजेब, डेढ़ सौ पुराने सिक्के, ६२ हजार रुपए व दो चांदी के छत्तर व पीतल का एक धूपिया, पांच बर्तन चांदी के, काशी की थाली व लौटा, पुराने पीतल की २० थाली, २० बाटका, चार परात, दो टोपिया, दस गिलास, तांबे की एक तामड़ी बड़ी, दो चमचा, तीन रामझारा एवं घरेलू दात का सामान में दो मिक्सी, दो प्रेस, दो मधानी, दो इलेक्ट्रिक चूल्हा, दो बाटी मेकर, दो पीतल की परात, दो पीतल की चरी, दो लौटा सहित कमरों में रखा अन्य धातू का सामान चोर ले गए। रींगस थाने में तीनों चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
मरीजों को समय पर नहीं मिल रही जांच रिपोर्ट
नीमकाथाना. सीकर राजकीय एसके अस्पताल के बाद जिले में दूसरे नंबर पर कहलाने वाला राजकीय कपिल अस्पताल में व्यवस्था का बुरा हाल है। सरकार चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए अस्पताल में पीएमओ का पद तो स्वीकृत कर दिया, लेकिन अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक संसाधन और चिकित्सकों की व्यापक कमी है। इसके चलते लोगों को स्वास्थ्य सुविधा का पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ व इएनटी विशेषज्ञ का पद रिक्त हुए कई महीने हो गए। इसके बावजूद सरकार दोनों ही पदों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। जबकि इन्ही दोनों चिकित्सकों के मरीज अस्पताल में सबसे ज्यादा पहुंचते हंै। इसके अलावा अस्पताल में विभिन्न जांच के लिए प्रयोगशाला दुरुस्त है।