
सीकर.
प्रदेश के सरकारी स्कूलों के दिन फिरने वाले हैं। अब इन स्कूलों में अब निजी स्कूलों की तरह अच्छे खेल मैदान, हाईटेक पुस्तकालय सहित अन्य सुविधाएं मिलेगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। सब कुछ ठीक रहा तो नए सत्र से विद्यार्थियों को नए खेल संसाधनों के साथ तैयारी करने का मौका मिलेगा। प्रदेश के सभी विद्यालयों को वर्षो बाद खेल सामग्री व पुस्तकों के लिए बजट जारी हुआ है। प्राथमिक स्कूलों को पांच हजार व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को सात हजार रुपए का बजट जारी किया है। राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा परिषद ने कोष कार्यालयों में बजट भेजा है। अब समग्र शिक्षा अभियान को सामग्री खरीद व राशि के समायोजन की जिम्मेदारी दी है।
खर्चे के लिए जल्द तय होगी गाइडलाइन
खेल व पुस्तकालय मद में जारी हुई राशि को संस्था प्रधान अपनी मर्जी से नहीं खरीद सकेंगे। इसके लिए जल्द गाइडलाइन तय होगी। संस्था प्रधानों को सरकारी प्रेस की पुस्तकों की सूची उपलब्ध कराई जाएगी। स्कूल में जिन खेलों के सबसे ज्यादा खिलाड़ी है उन्हीं की सामग्री खरीदनी होगी।
ऐसे मिलेगी राशि
प्रत्येक उच्च माध्यमिक विद्यालय स्कूल को पुस्तकालय में पुस्तक खरीदने के लिए पांच हजार रुपए का बजट दिया है। यह राशि केवल पुस्तक खरीदने पर ही खर्च होगी। इससे विद्यार्थियों को विभिन्न तरह की पुस्तक पढऩे को मिल सकेगी।
ऐसे समझे बजट का पूरा गणित
पुस्तकालय मद में: 35 करोड़ 79 लाख 60 हजार
खेल मद में: 30 करोड़ 28 लाख 83 हजार
इनका कहना है
स्कूलों में काफी समय से खेल सामग्री व पुस्तकों के लिए बजट नहीं दिया गया। इस कारण नैनिहालों को खेलों की तैयारी में काफी दिक्कत आ रही थी। विद्यालयों में सामान्य ज्ञान, देश-दुनिया की जानकारी, कला, साहित्य सहित अन्य पुस्तकों की भी काफी कमी महसूस की जा रही थी। इसलिए खेल व पुस्तकों के लिए बजट दिया गया है। इसके खर्चे के लिए भी अलग से बजट का प्रावधान किया जाएगा।
गोविन्द सिंह डोटासरा, शिक्षा राज्य मंत्री
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