
स्मार्टफोन से बनाया गिरोह का नेटवर्क
अवैध सोनोग्राफी करने का मामला
सीकर. शेखावाटी में भ्रूण परीक्षण के फलते-फूलते कारोबार अब हाइटेक हो गया है। कोख में कत्ल के खेल से जुड़ी महिला दलाल ने स्मार्टफोन पर वाट्सएप कॉलिंग को जरिया बनाकर गिरोह बना रखा था।
यह खुलासा शनिवार को सीकर के रामगढ़ शेखावाटी के वार्ड आठ स्थित राजकीय बालिका खेमका के पास रहने वाली महिला संगीता शर्मा व सहयोगी रतनगढ़ के राजेन्द्र ने पूछताछ में किया है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि लम्बे से गिरोह से जुड़े हुए हैं और गिरोह के एजेंट चूरू, लक्ष्मणगढ व फतेहपुर से हैं। किसी प्रकार का रिकार्ड नही रहे इसके वाट्सएप पर चेटिंग के जरिए सोनोग्राफी करने वाले के संबंध में एक दूसरे को बताते थे। शनिवार को पीसीपीएनडीटी की सेल ने आरोपियों को झुंझुनूं के न्यायालय में पेश किया। पीसीपीएनडीटी सेल के कॉर्डिनेटर नंदलाल पूनिया ने बताया कि न्यायालय ने आरोपियों की जमानत खारिज कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
दाई इसलिए बनी जिससे दे सके झांसा
पीसीपीएनडीटी के उमेश निठारवाल ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि दलाल संगीता चूरू के निजी अस्पताल में काम करती है। डेढ़ साल पहले रतनगढ़ किसी काम से गई थी। इस दौरान उसकी सरकारी अस्पताल में संविदा पर कार्यरत राजेन्द्र से पहचान हो गई। दलाल महिला ने फर्जी तरीके से भू्रण ***** जांच करवाने की बात कही, रुपयों के लालच में राजेन्द्र उसके साथ हो गया। इसके बाद से वह महिलाओं की फर्जी सोनोग्राफी करवा कर गर्भपात करवाती थी। इस काम के लिए प्रत्येक महिला से सोनोग्राफी के लिए 30 हजार रुपए और गर्भपता के लिए 20 हजार रुपए वसूलती थी। निजी अस्पताल में काम करने के कारण गर्भवती महिलाओं व परिजन जल्दी उसके झांसे में आकर जांच के लिए तैयार हो जाते थे।