वृद्ध मां की इलाज के दौरान सीकर के एक निजी हॉस्पिटल में मौत के बाद बेटी की सदमे में मृत्यु हो गई। मां व बहन की मौत से सदमे में आए बेटे ने सीकर में दासा की ढाणी फाटक के आगे ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली।
सीकर। वृद्ध मां की इलाज के दौरान सीकर के एक निजी हॉस्पिटल में मौत के बाद बेटी की सदमे में मृत्यु हो गई। मां व बहन की मौत से सदमे में आए बेटे ने सीकर में दासा की ढाणी फाटक के आगे ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली। बड़े बेटे से विवाद होने के बाद वृद्धा खींवणी देवी अपने अविवाहित बेटे ओमप्रकाश के साथ पिछले छह साल से बेटी किरण स्वामी के साथ उसके ससुराल में ही रह रही थी। एक के बाद एक हुई इन तीन मौतों ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। लाडनूं में मां और बेटे की एक साथ अर्थी उठी तो माहौल गमगीन हो गया।
पुलिस थाना उद्योग नगर के थानाधिकारी राजेश कुमार व सूत्रों ने बताया कि लाडनूं कस्बे के वार्ड 17 में मालियों के मोहल्ला निवासी खींवणी देवी (77) पत्नी सोहनलाल स्वामी लंबे समय से बीमार चल रही थीं। तीन दिन सुजानगढ़ हॉस्पिटल में भर्ती रहने के बाद उन्हें 22 जनवरी को सीकर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, यहां पर उनकी बेटी किरण स्वामी, बेटा ओमप्रकाश व दोहिता साथ थे। यहां 26 जनवरी दोपहर करीब दो बजे उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
मृत्यु के समाचार सुनकर उनकी बेटी किरण स्वामी (54) पत्नी गोपालदास, निवासी कुम्हारों का बास, गहरे सदमे के चलते सोमवार को ही मौत हो गई थी। इधर, दोहिता नानी खींवणी देवी के शव को लेकर लाडनूं के लिए रवाना हो गया, लेकिन बेटे ओमप्रकाश स्वामी ने यह कहकर साथ जाने से मना कर दिया कि वह बाद में आएगा।
ओमप्रकाश स्वामी को फोन पर किसी परिवार के सदस्य ने बहन की मौत की बात कही। अपनी मां और बड़ी बहन की मौत का आघात सहन नहीं कर सका। सोमवार शाम करीब 4:30 बजे ओमप्राश स्वामी (49) पुत्र सोहनलाल स्वामी ने दासा की ढाणी रेलवे फाटक के पास ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली।
लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मृतक की शर्ट से मिले आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान लाडनूं के वार्ड नंबर 17 निवासी ओमप्रकाश स्वामी के रूप में की। परिवार से बात की तो सारे घटनाक्रम का पता चला। मंगलवार सुबह परिवार के आने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सुपुर्द किया।