वैष्णव कॉलोनी में गत दिनों पहले पेड़ से लटके मिले मृत युवक के मामले में परिजनों ने मंगलवार को एसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। परिजनों का कहना था कि बलबीर ने आत्महत्या नहीं की है। रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या की गई।
वैष्णव कॉलोनी में गत दिनों पहले पेड़ से लटके मिले मृत युवक के मामले में परिजनों ने मंगलवार को एसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। परिजनों का कहना था कि बलबीर ने आत्महत्या नहीं की है। रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या की गई। उद्योग नगर पुलिस द्वारा मामले की सही जांच नहीं करने पर दूसरे अधिकारी को जांच सौंपने की मांग रखी गई। एसपी के मौजूद नहीं रहने पर एएसपी को मांग पत्र सौंपा गया। मृतक के भाई सुभाष का कहना था कि उसके भाई बलबीर का रस्सी से गला दबाने के बाद आरोपियों ने उसे पेड़ से लटका दिया। जेब में फर्जी सुसाइड नोट मेरे काका और फूफा के नाम से डाल दिया गया। परिजनों को उन लोगों पर शक है जो कि, उस दिन व रात को बलबीर के साथ कमरे में मौजूद थे और दो-तीन दिन से उसके संपर्क में थे। जांच अधिकारी ने दबाव में हत्या की रिपोर्ट को आत्महत्या रिपोर्ट में बदलने का प्रयास किया है। क्योंकि बताए गए संदिग्धों से पूछताछ भी नहीं की जा रही है और उनकी कॉल डिटेल भी नहीं निकलवाई गई है। परिजनों ने जांच किसी उच्च अधिकारी से करवाने की बात कही। इस पर एएसपी राकेश काछवाल द्वारा परिजनों को न्याय के लिए आश्वास्त किया गया।
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यह था मामला
20 मार्च को बलबीर का शव वैष्णव कॉलोनी में एक पेड़ पर रस्सी से लटका हुआ मिला था। पुलिस के अनुसार शव के पास मिले सुसाइड नोट में बलबीर ने आत्महत्या का कारण परिजनों के बीच चल रहे जमीनी विवाद को बताया गया था। जबकि परिजन आरोप लगा रहे हैं कि हत्या करने वालों ने जबरन सुसाइड नोट लिखवाया है। उनके परिजनों के बीच जमीन का कोई विवाद ही नहीं है।