
फतेहपुर.
उदनसरी गांव में पांच दिन पहले पैसे देने के बहाने घर बुलाकर हमला करने के मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने सदर थाने का घेराव किया। लोगो का आरोप था कि पुलिस ने एफ आईआर में तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की है। ग्रामीण करीब तीन घंटे तक थाने पर बैठे रहे। कोतवाल उदय सिंह यादव ने ग्रामीणों से समझाइस की व बाद में एसपी से फोन पर वार्ता करवाई तब जाकर ग्रामीण माने। जानकारी के अनुसार करीब तीन दिन पहले उदनसरी निवासी शीशराम को गांव के ही व्यक्ति ने पैसे देने के नाम पर घर बुलाया व धारदार हथियार से गले पर वार कर दिया। इससे शीशराम गम्भीर घायल हो गया। पुलिस का कहना है कि पर्चा बयान के आधार पर एफआइआर दर्ज की गई। इसके बाद शीशराम के भतीजे विकास ने एफआइआर दर्ज करने के लिए लिखित में दिया। लेकिन पुलिस ने उन तथ्यों को एफआइआर में शामिल नहीं किया। ग्रामीणों का कहना था कि शीशराम उस वक्त बयान दर्ज करवाने की स्थिति में नहीं था।
इसलिए भतीजे की रिपोर्ट पर एफआइआर दर्ज की जाए और इंस्पेक्टर लेवल के अधिकारी से जांच करवाई जाए। ग्रामीणों ने कहा कि एसआई गुलाम सरवर से जांच नहीं कर्रवाई जाए। एफआइआर में महिलाओं के नाम भी दर्ज किए जाए। आलोक पूनिया ने कहा कि मामले में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। इस दौरान रामप्रसाद जांगिड़,शिव कुमार, मूलचंद वर्मा, हेमेंद्र महला सहित कई लोग मौजूद रहे।