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अब निगाहें मंत्रिमंडल पर

सीकर ने दी है कांग्रेस को क्लीन स्वीप
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Dec 14, 2018
sikar local intrest news
अब निगाहें मंत्रिमंडल पर

आठ में से चार विधायक वरिष्ठ नेता
सीकर. कांग्रेस की सरकार तय होने के बाद शेखावाटी की निगाह अब सरकार के मंत्रीमण्डल पर टिकी हुई है। पहली सूची में शेखावाटी के चार से पांच नेताओं का मंत्री बनना तय माना जा रहा है। क्योकि शेखावाटी के तीनों जिलों ने कांग्रेस को सबसे ज्यादा सीट भी दी है। वहीं जातीय समीकरण व जीते हुए नेताओं के अनुभव के आधार पर भी शेखावाटी के कई नेताओं को मंत्री पद मिलना लगभग तय माना जा रहा है। इसमें श्रीमाधोपुर से दीपेन्द्र सिंह, सीकर से राजेन्द्र पारीक, धोद से परसराम मोरदिया व लक्ष्मणगढ़ से गोविन्द सिंह डोटासरा के नाम को लेकर खासी चर्चा है। वहीं चूरू व झुंझुनूं जिले के भी तीन नेताओं के नामों को लेकर चर्चा होनी है। सूत्रों का कहना है कि मंत्रीमण्डल में शामिल होने के लिए दिग्गजों ने भी अपने पक्ष में समीकरण बनाने की तैयारी कर ली है।
और इनकी स्थिति भी कमजोर नहीं
वीरेंद्र सिंह: पहली बार जीते, लेकिन पिता की पैरवी पर टिकी आस
दांतारामगढ़ विधानसभा से वीरेन्द्र सिंह पहली बार जीते है। लेकिन इनके पिता चौधरी नारायण सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ जाट नेता है। एेसे में यदि चौधरी नारायण सिंह बेटे की पैरवी करते है तो मंत्रीमण्डल में जगह मिल सकती है। क्योकि पिछली कांग्रेस सरकार में नारायण सिंह को हारने के बाद भी किसान आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था।
हाकम अली और सुरेश मोदी: जातिगत समीकरण ही मुख्य वजह
हाकम अली और सुरेश मोदी पहली बार जीतकर विधानसभा पहुंचे है। हाकम अली अल्पसंख्यक वर्ग से सुरेश मोदी के वैश्य समाज से होने के कारण बड़ा आधार है। लेकिन इनके नामों को लेकर भी कोई चर्चा नहीं है।
किसको क्यो मिल सकती है मंत्रिमण्डल में जगह
दीपेन्द्र सिंह: विधानसभा अध्यक्ष का अनुभव
श्रीमाधोपुर विधानसभा के दिग्गज दीपेन्द्र सिंह ने जीत का सिक्सर लगाया है। वहीं पिछली कांगे्रस सरकार में विधानसभा अध्यक्ष रहे। वहीं जातिगत समीकरणों के हिसाब से भी वह आगे है। प्रदेश की सियासी गणित में शेखावत की गिनती वरिष्ठ नेताओं में होती है।
गोविन्द सिंह डोटासरा: जीत की हैट्रिक
लक्ष्मणगढ़ से गोविन्द सिंह डोटासरा ने जीत की हैट्रिक लगाई है। कांग्रेस के वरिष्ठ जाट नेता रामेश्वर डूडी की हार के बाद डोटासरा का नाम चर्चा में है। वहीं पिछले पांच सालों में डोटासरा विधानसभा में बेस्ट परफॉरमर रहे। एेसे में इनका नाम भी मंत्रीमण्डल की दौड़ में शामिल है। पार्टी के जातीय समीकरणों के पेच में भी वह फिट होते हंै।
राजेन्द्र पारीक: पिछली सरकार में नंबर दो पर
पिछली गहलोत सरकार में नंबर दो के मंत्री रहे राजेन्द्र पारीक पांचवी बार जीते है। पिछली सरकार में पारीक के पास उद्योग, अप्रवासी भारतीय, आबकारी सहित कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी। एेसे में ब्राह्मण कोटे से इनका नाम भी चर्चा में है।
परसराम मोरदिया: पहले गृहमंत्री का था जिम्मा
धोद से कांग्रेस के परसराम मोरदिया के पास भी गृह विभाग संभालने का अनुभव है। वह छठी बार जीतकर विधानसभा पहुंचंे है। वहीं एससी कोटे से मोरदिया को मंत्रिमण्डल में जगह मिलने की संभावना है। एससी वोट बैंक के हिसाब से मोरदिया का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।

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Published on:
14 Dec 2018 08:00 pm