सीकर. सर्दी के बाद गर्मी की आहट से वायरल जनित बीमारियों ने पैर पसार लिए हैं। मौसम में अचानक बदलाव और दिन-रात के तापमान में बढ़ते अंतर के कारण अस्पतालों में वायरल बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है।
सीकर. सर्दी के बाद गर्मी की आहट से वायरल जनित बीमारियों ने पैर पसार लिए हैं। मौसम में अचानक बदलाव और दिन-रात के तापमान में बढ़ते अंतर के कारण अस्पतालों में वायरल बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। चिंताजनक बात है कि मौसम में आए बदलाव की चपेट में हर उम्र के मरीज है। चिंताजनक बात है कि कई मरीजों में बीमारी ठीक होने में सामान्य से ज्यादा समय लग रहा है। पिछले एक सप्ताह में सरकारी अस्पताल और निजी क्लीनिकों की मेडिसिन ओपीडी बढ़ती जा रही है। आमतौर पर कल्याण अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में रोजाना औसतन 300 के आसपास मरीज आते थे, लेकिन एक सप्ताह में यह ओपीडी बढ़कर पांच सौ मरीज प्रतिदिन से अधिक हो गई है। इनमें 60 प्रतिशत से ज्यादा मरीज वायरल के आ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार मौसम के इस बदलाव का असर सबसे ज्यादा बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। इन मरीजों में वायरल बुखार, गले में दर्द, खांसी और बदन दर्द जैसे लक्षण है।
देरी से ठीक हो रहा वायरल
चिकित्सकों के अनुसार मौसम में उतार-चढ़ाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है, जिससे लोग जल्दी संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। बच्चों और बुजुर्गों में यह समस्या अधिक देखी जा रही है। आमतौर पर वायरल संक्रमण 4 से 5 दिन में ठीक हो जाता है, लेकिन इस बार वायरल के कारण चार से पांच दिन तक बुखार और करीब एक पखवाड़े तक सूखी खांसी जैसे लक्षण आ रहे हैं। यही कारण है कि मरीजों को ठीक होने में अधिक समय लग रहा है। होली पर्व के दौरान मीठा और तेल युक्त खाद्य पदार्थ के सेवन के कारण ओपीडी में पेटदर्द और हाजमा बिगड़ने की शिकायत को लेकर भी मरीज आ रहे हैं।
फैक्ट फाइल तारीख
मरीजों की संख्या
एक-290
दो -159
तीन -90
चार -214
पांच - 350
छह - 387
सात-315
आठ-254
नौ-328
इनका कहना है
मौसम में बदलाव आ रहा है। सुबह-शाम हल्की सर्दी से बचाव, साफ-सफाई का ध्यान रखें, पर्याप्त पानी पीएं और संतुलित भोजन लें। बुखार या खांसी लंबे समय तक रहने पर चिकित्सक को दिखाएं।
डॉ. रघुनाथ चौधरी सहायक आचार्य (मेडिसिन), कल्याण मेडिकल कॉलेज