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सरस्वती मंदिर के प्रवेशद्वार पर ऐसा क्या दिखा जिससे विद्यार्थियों के होश उड़ गए

विद्यार्थी परेशान, एनएचआई नहीं ले रहा सुध
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Apr 05, 2019
sikar local news
सरस्वती मंदिर के प्रवेशद्वार पर ऐसा क्या दिखा जिससे विद्यार्थियों के होश उड़ दिए

बावड़ी. एनएच.52 पर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय व हॉकी साई सेंटर के प्रवेशद्वार के सामने एनएचआई का गंदा नाला करीब एक वर्ष से बंद पड़ा हैं। धन्नाराम भावरिया व जोरावर सिंह पावण्डा ने बताया कि सरस्वती मंदिर के प्रवेशद्वार के सामने एनएचआई ने नाला बनवाया था, जो अब बंद पड़ा है। इससे विद्यार्थियों और शिक्ष्कों का गेट से निकलना भी मुश्किल हो रहा हैं। इतना ही नहीं स्कूल के गेट के सामने कचरा ओर मृत कुत्ता भी गंदे पानी में तैर रहा है। इससे कम्प्यूटर लेब, कक्षा कक्ष में दुर्गंध आतही है।
गांव में कच्चरा डालने की स्थाई जगह नहीं होने से गांव के लोग व दुकानदार भी स्कूल गेट के सामने कचरा डाल रहे हैं। गंदगी के कारण बीमारी फैलने की सम्भावना है। विद्यालय की चार दीवारी भी गिर सकती हैं। ग्रामीण कैलाश बाजिया व बद्रीश भावरिया ने बताया कि एनएचआई के अधिकारियों को कई बार अवगत करवाने के बाद भी अंडरपास नाला, गंदा नाला की कोई सुध नहीं ले रहा हैं। पूर्व में ग्रामीणों ने जनसुनवाई, रात्रि चौपाल में कलेक्टर, खंडेला एसडीएम को भी अवगत करवा चुके हैं।
ग्रामीण धन्नाराम भावरिया ने बताया कि बावड़ी पंचायत भी ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि एनएचआई द्वारा स्कूल के गेट के सामने से गंदगी को हटवाया जाएं। इस मौके पर मूलचन्द सोनी, प्रेम देवी, बद्रीश भावरिया सहित लोग मौजूद थे।
बंदरों का आतंक, मोर को मारा
नांगल (नाथूसर). नांगल में लाल मुंह वाले उत्पाती बंदरों से ग्रामीणों परेशान हैं। इन बंदरों का आतंक इतना है कि बच्चे बाजार से सामान लाने में भी डरते हैं। बंदर बड़ो के हाथ से भी सामान झपट ले जाते हैं। पेड़ों पर गिलहरी व मोर का भी शिकार कर रहे हैं। गुरुवार को वार्ड सात में बदंर ने एक मोर की हत्या कर दी। बंदर मांसाहारी हो गए हैं। मंगलचंद मीणा ने बताया कि गुरुवार सुबह बंदरों ने अचानक छत पर मोर पर हमला किया लोग बंदरों को भगाते इससे पहले ही उन्होंने पक्षी की गर्दन तोड़ दी ,ये बदंर गांव में पहले बच्चों को भी घायल कर चुके हैं। पिछले एक साल में दो दर्जन से ज्यादा मोर इनके शिकार बन चुके हैं इन बदंरो को पकड़वाने के लिये ग्रामीण कई बार गुहार लगा चुके हैं। ग्राम में पांच-छह साल पहले रात के समय अज्ञात लोग आठ दस वानर छोड़ गये थे। अब इनका कुनबा सौ के करीब हो गया है। इन वानरों के डर से लोगों का घरों की छतों पर जाना मुश्किल हो गया है। ग्रामवासी पंचायत सरपंच को भी इस बारे में क ई बार शिकायत दे चुके हैं।

Updated on:
05 Apr 2019 06:18 pm
Published on:
05 Apr 2019 06:15 pm