सीकर

यह कैसी व्यवस्था कोर्ट भवन बनकर तैयार, अधिवक्ताओं के चैम्बर बनाना भूली सरकार

Feb 08, 2026
डीपीआर की खामी का खामियाजा भुगतना पड़ेगा अधिवक्ताओं को
सांवली रोड इलाके में तैयार नया कोर्ट भवन

सीकर.

शहरवासियों को जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए सांवली रोड पर तैयार हो रहे नए कोर्ट भवन की डीपीआर में अधिवक्ताओं के चैम्बरों का कोई प्रावधान नहीं होने से पेंच फंस गया है। पिछले दो साल से

अधिवक्ताओं की ओर से नए कोर्ट भवन में अधिवक्ताओं के चैम्बर निर्माण के लिए बजट की मांग भी की जा रही है। लेकिन अभी तक मुहर नहीं लगी है। इस मामले में अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भी पीड़ा बताई थी। अधिवक्ताओं को इस साल बजट में चैम्बर निर्माण के लिए अलग से बजट मिलने की मांग पूरी होने की संभावना है। यदि बजट मिलता है जिला मुख्यालय के दो हजार से अधिक अधिवक्ताओं को राहत मिल सकेगी। इस मामले में अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल न्यायिक अधिकारियों को भी अपनी पीड़ा बता चुके है।

अटकी मंजूरी तो कहां बैठेंगे अधिवक्ता

सांवली रोड पर न्यायालय भवन का निर्माण माच-अप्रेल तक पूरा होने की उम्मीद है। यदि अधिवक्ताओं के चैम्बर निर्माण में देरी होती है तो बड़ा सवाल यह है कि फिर अधिवक्ता कहां बैठेंगे। अधिवक्ताओं के चुनाव में पिछले तीन साल से यह मुद्दा गूंज रहा है।

फिर कैसे मिलेगा फरियारियों को फायदा

अधिवक्ताओं का कहना है कि नए भवन में बिना चैम्बरों के अधिवक्ताओं के साथ फरियादियों को काफी परेशानी होगी। ऐसे में अधिवक्ताओं के साथ आमजन की परेशानी को समझते हुए सरकार को इस बजट में चैम्बर निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी देनी चाहिए।

टॉपिक एक्सपर्ट: 20 करोड़ की घोषका, बजट अभी तक नहीं

कोर्ट भवन की डीपीआर के समय एक बार 20 करोड़ से अधिवक्ताओं के चैम्बर बनाने की चर्चा आई थी। अभी तक बजट नहीं आया है। इस बजट से भी 92 अधिवक्ताओं के ही चैम्बर बन सकते है। इसमें एक चैम्बर में छह अधिवक्ताओं का बैठना तय किया था। इसके बाद भी यह जगह कम पड़ेगी। सरकार को अधिवक्ता व आमजन की पीड़ा को समझते हुए वित्तिय स्वीकृति देनी चाहिए। न्यायालय भवन के पास खाली पड़ी जमीन भी अभिभाषक संघ को मिलती है तो नए सिरे से राहत का रोडमैप बनाया जाएगा।

दामोदर प्रसाद माटोलिया, अध्यक्ष, अभिभाषक संघ, सीकर

Updated on:
08 Feb 2026 01:10 pm
Published on:
08 Feb 2026 01:10 pm