सीकर

अवैध संबंधों में बाधा बने पति को पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर दे डाली ये खौफनाक सजा

Sikar love story : आरोपित बन्नालाल व उसकी प्रेमिका संतोष मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं। थोई इलाके में मजदूर करने के लिए आए हुए थे।
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Updated: 9 Jun 2018, 9:41 PM IST
Thoi police
sikar murder case

थोई.

राजस्थान के सीकर जिले के थोई थाना इलाके में हत्या के एक मामले का छह माह बाद खुलासा हुआ है, जिसमें पता चला कि पत्नी किसी और मर्द से अवैध संबंध थे। अवैध संबंधों में पति बाधा बना तो दोनों ने मिलकर मौत के घाट उतार दिया। आरोपित बन्नालाल व उसकी प्रेमिका संतोष मालणमासी सुसनेर जिला आगर मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं। थोई इलाके में मजदूर करने के लिए आए हुए थे।

थोई पुलिस थानाधिकारी बाबूलाल ने बताया कि 15 दिसंबर 2017 शाम को दीप चन्द दूण निवासी रामपुरा थोई ने पुलिस को सूचना दी थी कि झाड़ली से 3 किलोमीटर आगे एक फैक्ट्री के पीछे नाले में एक व्यक्ति की लाश पड़ी है। सूचना पर तत्कालीन थाना अधिकारी मौके पर पहुंचे।

फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों को भी बुलाया, परंतु किसी ने शव की शिनाख्त नहीं की। पुलिस ने शव अज्ञात का मानकर अजीतगढ़ के मुर्दाघर में रखवाया गया। तीन दिन तक पहचान के प्रयास किए गए परंतु पहचान नहीं होने पर शव का मेडिकल बोर्ड से अस्पताल जयपुर द्वारा पोस्टमार्टम करवाकर ग्राम पंचायत थोई के सहयोग से अंतिम संस्कार कर दिया गया था।

यूं हुआ खुलासा

-9 जून 2018 को रामलाल पुत्र रतन लाल मेघवाल निवासी मालणमासी थाना सुसनेर जिला आगर मालवा मध्य प्रदेश ने थाने पर उपस्थित होकर रिपोर्ट पेश की।

-रिपोर्ट में बताया कि परिवादी का भाई दूला व उसकी पत्नी मंजू उर्फ संतोष तथा गांव का बन्ना मेघवाल मजदूरी करने के लिए करीब 6 माह पूर्व महर पाउडर फैक्ट्री झाड़ली में आए थे।

-जहां पर बन्ना लाल मेघवाल व मंजू उर्फ संतोष ने मेरे भाई दूला को मारकर नाले में फेंक दिया। इस पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की।

-जांच में पाया गया कि मृतक दुलाराम तथा उसकी पत्नी संतोष व बन्ना लाल मजदूरी करने फैक्ट्री में आए थे। संतोष व बन्ना लाल के अवैध संबंध थे।

-इस बात की जानकारी दुलाराम को होने पर उसने एतराज किया जिससे पत्नी व बन्ना से दुला का विवाद हो गया। दोनों योजना बनाकर 12 दिसंबर 2017 की शाम लकड़ी बीनने की कह कर बुला को फैक्ट्री के पीछे नाले में बंजर खेतों की तरफ ले जा कर उसकी हत्या कर दी।
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-उसकी जेब से मोबाइल वह पहचान कार्ड निकाल लिया। 10- 11 दिन बाद दोनों फैक्ट्री से वापस घर चले गए। संतोष के घर वालों ने दुला के बारे में पूछा तो कहीं मजदूरी करने की बात बता दी।

-दुला के घर वालों ने उससे संपर्क किया तो उसका फोन बंद आया तो भाई रामलाल को शक हुआ तब वह परिवार के लोगों को साथ लेकर दोनों को थोई लेकर आया।

-थोई आने पर संतोष व बन्ना राम ने मिलकर दुला की हत्या करने की बात कही। इस पर मृतक के भाई ने प्रकरण दर्ज करवाया।

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शव पहचाने से किया था इनकार

थोई थानाधिकारी बाबूलाल ने बताया कि संतोष ने पूछताछ में बताया कि हम दोनों को दुला की लाश पुलिस ने दिखाई थी तो हमने जानबूझकर पहचानने से मना कर दिया। आरोपी बन्ना लाल की तलाश के लिए पुलिस टीम उसके गांव भिजवाई गई तथा बन्नालाल को दस्तयाब कर थाने लाया गया। प्रकरण में दोनों को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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