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पेज 4……महिलाओं की सुविधा पर रेहड़ियों का कब्जा : लाखों का सुलभ कॉम्प्लेक्स बना बेबस

Jul 29, 2026
Rajasthan

Bबस स्टैंड पर अतिक्रमण से बंद हुआ रास्ता, गंदगी और बदबू के बीच सफर करने को मजबूर यात्रीB

साहवा. स्वच्छ भारत मिशन के तहत महिलाओं और यात्रियों की सुविधा के लिए लाखों रुपए खर्च कर बनाए गए सुलभ कॉम्प्लेक्स अब खुद बदहाल व्यवस्था की मिसाल बन गए हैं। कस्बे के नोहर-भादरा बस स्टैंड स्थित सार्वजनिक शौचालय के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने फल, सब्जी, पुचका, गन्ने का रस, कुल्फी और अन्य खाद्य सामग्री की रेहड़ियों ने ऐसा कब्जा जमा लिया है कि शौचालय तक पहुंचना भी चुनौती बन गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से अतिक्रमण होने के बावजूद नगरपालिका ने इसे हटाने की प्रभावी कार्रवाई नहीं की।

Bमहिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी, शौचालय का गेट तक गायबB
स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड पर आने वाली महिला यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। महिला शौचालय का प्रवेश द्वार क्षतिग्रस्त है, गेट गायब हो चुका है और नियमित सफाई भी नहीं होती। अब रेहड़ियों ने रास्ता घेर लिया है, जिससे महिलाएं असहज स्थिति में शौचालय तक पहुंचने को मजबूर हैं। कई बार उन्हें आसपास के घरों में मदद मांगनी पड़ती है।

Bशौचालय के सामने बिक रहा खाद्य पदार्थ, स्वच्छता पर उठे सवालB
सार्वजनिक शौचालय के ठीक सामने खुले में खाद्य सामग्री की बिक्री को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों पर खतरा बढ़ रहा है। खुले में रखे खाद्य पदार्थों पर धूल और मक्खियां बैठने से संक्रमण का खतरा बना रहता है।

Bपुराने बस स्टैंड का भी यही हालB
कस्बेवासियों का कहना है कि केवल नोहर-भादरा बस स्टैंड ही नहीं, बल्कि पुराने बस स्टैंड पर बने सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति भी दयनीय है। दोनों स्थानों पर सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है और सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।

BÒशौचालय ढूंढ़ते-ढूंढ़ते खुले में जाना पड़ाÓB
बस यात्री भूराराम भाटी ने बताया कि काफी देर तक शौचालय नहीं मिला तो मजबूरी में दूर खुले स्थान पर जाना पड़ा, जबकि उनके साथ आई महिला को पास के घर में जाकर सहायता लेनी पड़ी। राजू सिंह ने कहा कि शौचालयों के सामने रेहड़ियों के कारण वे दिखाई ही नहीं देते। ऐसे में महिलाएं और पुरुष दुकानों के पीछे खाली पड़े स्थानों में जाने को मजबूर हो रहे हैं।

BÒमहिलाओं को निजी घरों के शौचालय का सहाराÓB
बिलिया उद्योग संचालक मुरलीधर सैनी ने बताया कि बस स्टैंड पर आने वाली कई महिलाओं को परेशानी होती है, इसलिए उन्होंने अपने पुराने घर का शौचालय उनके उपयोग के लिए उपलब्ध कराया हुआ है।

BÒसफाई कर्मचारी तक नहीं, बदबू से हाल बेहालÓB
एडवोकेट हजारीराम सैनी ने बताया कि बस स्टैंड पर एक पुरुष और दो महिला शौचालय बने हैं, लेकिन महिला शौचालय का गेट गायब है। दोनों शौचालय गंदगी से अटे पड़े हैं, पानी की व्यवस्था नहीं है और सफाई कर्मचारी भी तैनात नहीं है, जबकि यहां पूरे दिन सफाई की जरूरत रहती है।

Bबस चालक बोले- महिलाओं के लिए सबसे बड़ी परेशानीB
रोडवेज बस चालक उम्मेद गिरी और परिचालक गणेश स्वामी ने बताया कि पुरुष तो किसी तरह दुकानों के पीछे चले जाते हैं, लेकिन महिला यात्रियों को भारी असुविधा होती है। कई बार उन्हें आसपास के घरों का सहारा लेना पड़ता है।

Bप्रशासन बोला- प्राथमिकता से हटेगा अतिक्रमणB
नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी सत्यनारायण स्वामी ने कहा कि उन्होंने हाल ही में कार्यभार संभाला है। बस स्टैंड सहित सभी सार्वजनिक स्थानों का निरीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर अव्यवस्थाएं दूर की जाएंगी। शौचालयों के सामने हुए अतिक्रमण को नियमानुसार हटाया जाएगा ताकि विशेषकर महिलाओं को राहत मिल सके।

Bपुलिस ने भी शुरू की कार्रवाईB
थानाधिकारी जगदीश सिंह ने बताया कि बस स्टैंड और अन्य स्थानों पर रेहड़ियों, हाथ ठेलों और टैंपो को व्यवस्थित करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुराने बस स्टैंड पर कुछ रेहड़ियों को हाईवे से पीछे हटवाया गया है और आगे भी प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्था सुधारी जाएगी।

Bस्वास्थ्य विभाग की चेतावनीB
सीएचसी साहवा के चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि सार्वजनिक शौचालयों के सामने खुले में खाद्य सामग्री बेचना स्वच्छता की दृष्टि से उचित नहीं है। यदि ऐसी जगहों पर खाद्य सामग्री बेची जाती है तो उसे पूरी तरह ढककर रखना और स्वच्छता मानकों का पालन करना आवश्यक है। शिकायत मिलने पर खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है।

Bपत्रिका व्यूB
स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालय तभी सार्थक होंगे, जब वे साफ-सुथरे, सुगम और अतिक्रमण मुक्त हों। बस स्टैंड पर महिलाओं को शौचालय के लिए भटकना और निजी घरों का सहारा लेना प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। अब जिम्मेदार विभागों की घोषणाओं को धरातल पर उतारने की जरूरत है, ताकि करोड़ों के स्वच्छता अभियान का उद्देश्य वास्तव में पूरा हो सके।

Updated on:
29 Jul 2026 06:00 am
Published on:
29 Jul 2026 06:00 am