
सिंगरौली/देवसर। हाइवे निर्माण में देरी से लोगों की परेशानी व यातायात अव्यवस्था के दृष्टिगत निर्माण कंपनी को नोटिस का सामना करना पड़ गया है। निर्माण कार्य में देरी को लेकर देवसर के उपखंड मजिस्ट्रेट ने हाइवे निर्माण कंपनी गैमन इंडिया व इसकी सहयोगी कंपनी टेक्नो यूनिक कंपनी के खिलाफ शनिवार को नोटिस जारी किया। इसमें कंपनी गैमन इंडिया के प्रबंधक तथा टेक्नो यूनिक कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट से जवाब तलब किया गया है। इस प्रकार हाइवे निर्माण में बरती जा रही अनावश्यक देरी पर अब प्रशासन ने कड़ा नोटिस लिया है।
ये है मामला
इस संबंध में देवसर के उपखंड मजिस्ट्रेट ने नोटिस जारी कर कंपनी को देरी का कारण बताने के लिए पाबंद किया है। इसके साथ ही कंपनी को हाइवे निर्माण कार्य 15 दिन में पूरा करने का निर्देश भी दिया गया है। नोटिस में कंपनी को चेताया गया है कि तय अवधि 15 दिन में निर्माण कार्य पूरा नहीं करने पर तथा इसके बाद कोई भी अप्रिय घटना सामने आने पर कंपनी के अधिकारियोंं को व्यक्तिगत स्तर पर दोषी माना जाएगा। प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में ऐसी घटना की स्थिति आने पर दोनों कंपनी व उनके अधिकारियोंं के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की चेतावनी भी दी गई है।
रोजाना लगता है जाम
उल्लेखनीय है कि जिले में देवसर तहसील अंतर्गत कोहरा खोह से झुरही तक राज्य मार्ग मुख्य सड़क में बड़ी संख्या गड्ढे हैं तथा हाइवे निर्माण कार्य में देरी के कारण वाहनों को इसी सड़क से खतरा मोल लेकर निकलना पड़ता है। निर्माण अधूरा होने व सड़क में गहरे गड्ढे होने के कारण इस मार्ग पर रोज दिन में कई बार आवागमन बाधित होता है और वाहनों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। इससे ग्रामीण व वाहन चालक सभी परेशान हैं। इस कारण ही ग्रामीणों की ओर से हाइवे निर्माण कार्य जल्द पूरा कराए जाने की मांग हो रही है।
परेशानी झेल रहे थे लोग
लोगों की परेशानी के दृष्टिगत ही हाइवे का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के लिए जिला व उपखंड प्रशासन की ओर से बैठकों में कई बार कंपनी प्रबंधन को निर्माण कार्य समय पर पूरा करने का निर्देश भी दिया गया पर कंपनी ने इस पर ध्यान नहीं दिया और निर्माण कार्य की कछुआ चाल में कोई सुधार नहीं हुआ। इस कारण ही सड़क पर हर रोज छोटी या बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं मगर निर्माण कंपनी व उसका प्रबंधन निर्माण के प्रति ढिलाई बरत रहे हैं। इसके चलते ही उपखंड प्रशासन की ओर से अब इस देरी को लेकर निर्माण कंपनी से जवाब तलब करते हुए उसे काम जल्द पूरा करने के लिए पाबंद किया गया है। इससे जनता को परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद जगी है।