MP News: सिंगरौली एनसीएल के निगाही कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) के पास एक आदिवासी युवक के साथ उसकी पत्नी के सामने ही बर्बरता की हद पार करते हुए बेरहमी की मारपीट का मामला सामने आया है।
MP News: सिंगरौली(Singrauli) एनसीएल के निगाही कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) के पास एक आदिवासी युवक के साथ उसकी पत्नी के सामने ही बर्बरता की हद पार करते हुए बेरहमी की मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। नवानगर पुलिस ने वीडियो संज्ञान में लेकर पीडि़त की पहचान की और अमानवीयता करने वाले सिक्योरिटी इंचार्ज के खिलाफ सहित तीन के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना करीब एक माह पहले की बताई जा रही है। पीडि़त अन्नेलाल बैगा अपनी पत्नी के साथ जंगल में लडक़ी बीनने गए थे। इस दौरान वे निगाही कोल हैंडलिंग प्लांट के पास पहुंच गए। जहां सिक्योरिटी इंचार्ज एमडी सिंह सहित अन्य ने दंपती को पकडकऱ पूछताछ शुरू कर दी। पीडि़त ने खाना बनाने के लिए जलाऊं लकड़ी बीनने आने की जानकारी दी तो सक्योरिटी इंचार्ज ने तुम चोरी करने आते हो कहते हुए हॉकी स्टिक से मारपीट शुरू कर दी। घटना का 10 मिनट का वीडियो भी वायरल हो रहा है।
वीडियो में सिक्योरिटी इंचार्ज एमडी सिंह गाली-गलौज करते हुए आदिवासी अन्नेलाल को हॉकी से पीट रहा है। इस दौरान युवक जमीन पर गिर जाता है। पीडि़त बार-बार मिन्नतें कर रहा है कि गोड़ी गिर थी, मत मार (पैर पड़ रहे हैं, मत मारो) , मगर सिक्योरिटी इंचार्ज का दिल नहीं पसीझता और उसे बेरहमी से पीट रहा है और बोल रहा है कि रंगदारी दिखाता है। घटना के दौरान मौके पर कई लोग मौजूद हैं। इसमें से दर्जनभर लोग आरोपी को उकसाते नजर आ रहे हैं कि सिर छोडकऱ बाकी हाथ-पैर सब तोड़ दो।
सिक्योरिटी इंचार्ज जानवरों की तरह आदिवासी युवक को करीब 10 मिनट तक हॉकी से मारपीट करता रहा। इस अमानवीय घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। पत्रिका से बातचीत में पीडि़त के परिजन ने बताया कि उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। घर की सिर्फ महिला को लाडली बहना का लाभ मिल रहा है। पीने के पानी की सुविधा नहीं है। उज्जवला गैस का कनेक्शन नहीं होने से जंगल से लकड़ी लाकर खाना पकाया जाता है।
मामले में आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सिंगरौली में आदिवासी समाज के साथ सिर्फ उनकी जमीन छीनकर ही अन्याय नहीं किया जा रहा है, बल्कि उनके साथ अमानवीय व्यवहार भी किया जा रहा है। स्थानीय बैगा जनजाति के आदिवासी के साथ किस तरह बर्बरतापूर्वक बर्ताव हर कोई देख सकता है। सवाल उठता है कि भाजपा की डबल इंजन सरकार में न्याय व्यवस्था, प्रशासन और पुलिस का कोई भय रह गया है या नहीं। इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं, दोषी व्यक्ति पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी ही चाहिए।
कांग्रेस से जिला पंचायत सदस्य व आदिवासी नेता अशोक सिंह पैगाम शनिवार शाम पीडि़त के घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां सरकार बैगा समुदाय के लिए कई बड़े-बड़े दावे करती है। वहीं दूसरी ओर सिंगरौली में आदिवासी समाज पर लाठियां बरसाई जा रही है। उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के साथ उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। यदि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई में लापरवाही बरती गई तो कांग्रेस के आदिवासी नेता ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
अभी तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इसमें जितने भी लोग शामिल हैं। सभी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पुलिस एससी-एसटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। - मनीष खत्री, एसपी सिंगरौली(Singrauli)।