आवास योजना खण्ड समन्वयक लक्ष्मीकांत पाण्डेय की संविदा सेवा समाप्त कर दी
सिंगरौली. कलेक्टर अनुराग चौधरी ने बड़ी कार्यवाही करते हुए जिले के 22 सरंपचों को धारा 40 का नोटिस दिया है। इसके तहत सरंपचों को पद से पृथक किया जा सकता है। फिलहाल अभी सुनवाई चलेगी। जिसके बाद यदि आरोप सही पाया जाता है तो सरपंचों को पद से पृथक किया जा सकता है। इस नोटिस के बाद पंचायतों में हड़कंप मचा हुआ है। कलेक्टर ने लंबे समय बाद पंचायत प्रतिनिधियों पर ऐसी कार्यवाही शुरू की है। 22 सचिव एवं रोजगार सहायक को भी नोटिस जारी किया गया है।
माना जा रहा है कि नीति आयोग की रिपोर्ट में जिले का नाम पिछड़ों की सूची में शामिल होने के बाद जिला प्रशासन अब सख्त रूख अख्तियार किया है। जिससे सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर अच्छे से अमल में लाया जा सके।
इन योजनाओं में हो रही लीपापोती
सरंपचों एवं सचिवों को जारी नोटिस में कहा गया है कि मनरेगा, प्रधानमंत्री अवास, स्वच्छ भारत मिशन एवं सम्भावित पात्र पेंशनर्स योजना में इन पंचायतों में काम ठीक से नहीं हुआ। लक्ष्य के अनुरूप में प्रधानमंत्री आवास नहीं बनाए गए। शौचालय की प्रगति भी संतोष जनक नहीं है। मनरेगा के ज्यादातर काम लंबित पड़े हुए हैं। यही वजह है कि 22 पंचायत के सरंपच एवं सचिवों को नोटिस जारी किया गया है।
इन्हें जारी किया गया नोटिस
बैढ़न जनपद पंचायत में बनौली, बंधा, बेतरिया, देवरी, धरौली, जीर, सोलंग के ग्राम पंचायत सरपंच एवं सचिव को नोटिस जारी किया है। इसी प्रकार देवसर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत ओड़गड़ी, पिपरी, बरहवाटोला, कारी, निवास, इटमा, समूद, पचौर एवं चितरंगी जनपद पंचायत के बसनियां, दुधमनियां, चकरिया, गांगी, चिनगो, नौढि़या, धानी ग्राम पंचायत के सचिव एवं सरपंच को नोटिस जारी किया है।
खण्ड समन्वयक बर्खास्त
जिला पंचायत सीईओ प्रियंक मिश्र ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में लापरवाही करने पर बैढ़न जनपद पंचायत के खण्ड समन्वयक लक्ष्मीकांत पाण्डेय को बर्खास्त कर दिया है। इन पर प्रधानमंत्री आवास योजना में लक्ष्य के अनुसार समयसीमा में काम पूरा न करने एवं कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं देने का आरोप है। सीईओ प्रियंक मिश्र ने लक्ष्मीकांत पाण्डेय की संविदा सेवा समाप्त कर दी है।