सिंगरौली

बारिश में बह गई नगर निगम की ‘विकास गाथा’, नाली-नाला जाम, सड़कों पर बह रहा पानी

कॉलोनियों में गंदगी, सफाई न होने से हालत खराब

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सिंगरौली। दो दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश ने नगर निगम के बारिश में इंतजामों की पोल खोलकर रख दी है। पॉलीथिन और कचरा जमा होने से शहर की नालियां जाम हो गई हैं। नालों में पानी उफान पर है। सड़कें धंसक रही हैं। कॉलोनियों के रास्ते चलने लायक नहीं बचे हैं। वहीं लगातार बारिश से कर्मचारी भीगते हुए कार्यालय पहुंचे। कुछ कार्यालयों में तो रेनकोट सूखते नजर आए।

वन स्टॉप सेंटर का रास्ता चलने लायक नहीं
एनसीएल बाउंड्री के समीप स्थित वन स्टॉप सेंटर का रास्ता चलने लायक नहीं रह गया। रास्ते में उपर से पानी जा रहा है, जिससे वहां आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि इस रास्ते को निर्माण के लिए कई बार नगर निगम के अधिकारियों से कहा गया लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यहां पर नए अस्पताल भवन का भी निर्माण हो रहा है। इसके बावजूद सड़क का निर्माण नहीं कराया गया।

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कोतवाली रोड जाने वाले सड़क उखड़ी
इसी प्रकार कोतवाली रोड पानी की वजह से उखड़ गई है। इस सड़क का निर्माण कई बार हुआ लेकिन बरसात में सड़क उखड़ जाती है। यहीं पर एनसीएल ग्राउण्ड भी है। जहां बड़े कार्यक्रमों का आयोजन होता है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सिंगरौली आए थे तो सड़क की मरम्मत की गई थी, लेकिन अभी महज कुछ ही महीने हुए फिर से सड़क की हालत खराब हो गई। एक भी बारिश सड़क सहन नहीं कर पाई।

एसपी कार्यालय परिसर में भरा पानी
गुरुवार को एसपी कार्यालय परिसर भी पानी-पानी हो गया। दरअसल एसपी कार्यालय के समीप से ही एक नाला गुजरता है। नाले में एक साथ पानी वजह से एसपी कार्यालय परिसर में पानी भर गया। बारिश के इस सीजन में पहली बार नाले में इतना ज्यादा पानी आया है। यह नाला कलेक्ट्रेट के बाजू से गुजरता है। जहां नवानगर, जयंत तक का पानी आता है।

ठेला वालों की फजीहत
बैढऩ मेन रोड पर सड़क के किनारे ठेला लगाने वालों की फजीहत हो गई। सड़क किनारे नाली है। अधिकतर ठेला वाले सड़क किनारे नाली के समीप ही दुकान लगाते हैं। नालियों में पानी की वजह से ठेला वालों को वहां खड़े होने में दिक्कत हो रही थी। नाली से कचड़ा निकाला तब जाकर पानी का बहाव शुरू हुए। तब ठेला वालों ने दुकान लगाया।

नालियां हुई जाम
शहर में गंदगी बहुत ज्यादा हो गई है। चारों और कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। पानी गिरने के बाद पॉलीथिन थर्माकॉल सहित कूडे के ढेर बहकर नालियों में गए जिससे नालियां जाम हो गई। वहीं कुछ जगहों में कूडें ढेर सड़ रहे हैं। जिससे बदबू फैल रही है। बारिश ने नगर निगम की साफ-सफाई व्यवस्था की भी पोल खोल दी है। चारों ओर नालियां बजबजा रही हैं।

गरीबों की फजीहत
शहर में बहुत से ऐसे गरीब परिवार हैं जिनके लिए बारिश मुसीबत बन कर आती है। कई ऐसे लोग हैं जो झोपड़ी बनाकर रहते हैं वहीं कुछ लोग कच्चे घरों में रहते हैं। कुछ लोगों का मकान नीचले इलाकों में है। जिसकी वजह से पानी वहां जमा हो जाता है। ऐसा ही विंध्यनगर के ग्रिनहंट कॉलोनी में है। यहां सैकड़ों परिवार झोपड़ पट्टी में रहते हैं। बरसात में इनकी छत टपक रही है। घरों में पानी भर रहा है। कॉलोनी में चारों और गंदगी का अंबार है। इसी प्रकार गनियारी मोहल्ले में भी है। यहां भी लोगों के घरों में पानी भर गया। शांतिनगर निवासी अतवरिया सोनी एवं संगीता सहित आधा दर्जन परिवारों को इसकी दिक्कत हो रही है।

तीन दिन के दौरान 98.6 मिमी हुई वर्षा
जिले में तीन दिन के दौरान 98.6 मिमी वर्षा रेकॉर्ड की गई है। इस तरह से चालू वर्षा सत्र में अब तक 454.8 मिमी वर्षा हो चुकी है। जो सामान्य से ज्यादा है। भू-अभिलेख कार्यालय से प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि 31 जुलाईको जिले में औसतन वर्षा 1.4 मिमी हुई थी। 1 अगस्त को औसतन 19.3 मिमी वर्षा जिले में हुई थी। जबकि 2 अगस्त को जिले में औसतन वर्षा 77.9 मिमी रेकार्ड की गई। इस तरह से 24 घंटे के दौरान जिले में 77.9 मिमी वर्षा हुई है। जबकि चालू वर्षा सत्र में कुल वर्षा 454.8 मिमी हुई है।

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Published on:
03 Aug 2018 03:08 pm
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