
आबूरोड. अपर जिला एवं सेशन न्यायालय क्रमांक-२ ने माउंट आबू के मांच गांव में विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने व शादी की नियत से भगाकर ले जाने के मामले में एक व्यक्ति को दस वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया है। न्यायालय ने पांच हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। मृतका ने वर्ष २०१५ में घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतका ने सुसाइड नोट में आरोपित को आत्महत्या के लिएजिमेदार ठहराते हुएप्रशासन से कड़ी सजा की मांग की थी।
प्रकरण के अनुसार राजगढ़ पारसोली जिला चितौडग़ढ़ निवासी शिवसिंह पुत्र टवरसिंह राजपूत ने २२ अप्रेल २०१५ को माउंटआबू पुलिस को रिपोर्ट दी थी कि उनकी बहन मैना कुंवर को करीब एक वर्ष पूर्व उनके गांव के इंद्रकुमार ने जबरन बहला फुसला कर शादी की नियत से ले गया।जिसे बाद में वापस गांव लाया गया। उसकी शादी किटाप गांव में करवाने के छह माह बाद १९ सितबर को मैना कुंवर वापस सुसराल जा रही थी। तब आरोपित व उसके भाई ने धमकी देकर साथ लेकर चला गया। २१ अप्रेल की शाम उसकी बहन ने फोन कर बताया कि आरोपित उसके साथ मारपीट करता है और वह वापस घर आना चाहती है। वह २२ अप्रेल सुबह छह बजे उसके मकान पहुंचा तो उसकी बहन ने कमरे में पंखे से चुन्नी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बाद अनुसंधान पुलिस ने आरोपी राजगढ़ सिंघाड़ी थाना क्षेत्र पारसोली जिला चितौडग़ढ़ निवासी इंद्र कुमार पुत्र गोपाल कुमावत को गिरतार कर उसके खिलाफ न्यायालय में धारा ३६६, ३७६, ३०६ ४९७ व ४९८ भारतीय दंड संहिता में चार्जशीट पेश की। राय सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक धमेंद्र राजपुरोहित ने पैरवी कर ३३ गवाहों को परीक्षित करवाया। एडीजे-२ दलपतसिंह राजपुरोहित ने अभियोजन पक्ष के तर्कों से सहमत होकर आरोपित इंद्रकुमार को मृतका को आत्महत्या के लिए उकसाने व जबरन शादी की नियत से भगाकर ले जाने के मामले में दोषी पाया गया।