
सिरोही. खुद की किस्मत चमकाने के फेर में निजी संस्थाओं के संचालक, व्यापारी व अन्य लोग सार्वजनिक स्थलों व इमारतों पर बैनर-पोस्टर लगाकर देवनगरी के सौंदर्य को खराब कर रहे हैं। देवनगरी के सौंदर्यीकरण को निखारने को लेकर न तो नगर परिषद ध्यान दे रही है और ना ही जिला प्रशासन। संस्थाएं एवं लोग नगरपरिषद की अनुमति के बिना सरकारी दीवार, सरकारी कार्यालय व सार्वजनिक स्थानों पर मर्जी से पोस्टर चिपकाकर व या होर्डिंग्स लगाकर सम्पत्ति निरूपण अधिनियम का उल्लंघन भी कर रहे हैं।
यह है सजा का प्रावधान
शहर का सौंदर्य बिगाडऩे पर सम्पत्ति निरूपण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है। इसमें बिना अनुमति सरकारी, निजी व सार्वजनिक भवनों की दीवारों पर पोस्टर चस्पा करने तथा होर्डिंग्स लगाने पर सजा का प्रावधान है। प्रथम बार उल्लंघन करने पर पांच हजार रुपए का जुर्माना या एक साल की सजा का प्रावधान है। दूसरी बार सजा दोगुनी हो जाती है। साथ ही पोस्टर चिपकाने व लगाने वाले सम्बंधित व्यक्ति से हटाने का खर्चा भी वसूला जाता है।
शिक्षण संस्थानों ने तो हद ही कर दी
शहर में काफी संख्या में कोचिंग संस्थानों में से अधिकांश कोचिंग संस्थानों ने अपने होर्डिंग्स व बैनर लगा रखे हैं। खास बात यह है कि इनमें से आधों ने तो नगरपरिषद से अनुमति तक नहीं ले रखी है तथा आधों ने टेंडर प्रक्रिया के तहत सालभर की राशि जमा करवाई है। शहर के अहिंसा सर्किल, पैलेसरोड, तीन बत्ती, अनादरा चौराहा समेत कई स्थानों पर होर्डिंग लगाए हुए हैं। अहिंसा सर्किल पर भी पेम्पलेट व सूचना चस्पा कर दी है, जो शहर को चार चांद लगाने के बजाय सौंदर्य को बिगाड़ रहा है।
प्रचार सामग्री भी
कम नहीं
शहर में ज्यादातर स्थानों पर महाविद्यालयों के चुनाव में प्रत्याक्षियों के विज्ञापन से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। पैलेसरोड पर तो दीवारों व बिजली के पोल तक को नहीं छोड़ा है। शहर में प्रवेश के विभिन्न स्थानों पर जाने के लिए लगाए सूचना बोर्ड पर भी छोटे-छोटे पेम्फलेट लगा दिए हैं। इससे मूल सूचना दब गई है। वाहन चालक व आमजन भ्रमित होते रहते हैं।पेड़ों पर विज्ञापनों की भरमार
बिजली के खम्भों के साथ पेड़ों पर भी जगह-जगह होर्डिंग तथा पोस्टर टांग रखे हैं। कई पेड़ों के तनों को तो कील लगाकर खराब कर दिया है। ऐसे टहनी कम होर्डिंग ज्यादा लगे हुए हैं। यह समस्या पैलेस रोड पर ज्यादा है।
&बड़े बड़े होर्डिंग की कुछ ने तो स्वीकृति ली है। जिसमें सालभर के टेंडर हुए हैं। वहां ये होर्डिंग लगा सकते हैं। उसके अलावा छोटे बैनर, होर्डिंग बिना स्वीकृति के लगाए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं सम्बंधित के खिलाफ पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया जाएगा। वहीं पोस्टर-होर्डिंग्स हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
सुरेश जीनगर, राजस्व अधिकारी नगर परिषद, सिरोही