
आबूरोड. पोष माह शुरू होने के साथही शहर समेत आस-पास के मंदिरों में पूजार्चना व बड़ों का भोग लगाया जा रहा है। गुरुवार को अबाजी मंदिर के पास पोष बड़े का आयोजन किया गया।जिसमें भक्तों ने दाल के बड़े बनाकर मां अबे को भोग लगाया। दिनभर मंदिर भक्तों का तांता लगा रहा। अंबाजी मंदिर व्यवस्थापक रमेश भाईने बताया कि हर साल दाल के बड़े बनाकर प्रसाद के रूप में वितरित किएजाते हैं।इस दौरान भक्त सागरमल अग्रवाल, बसंत प्रजापत समेत कई भक्तों ने सेवाएं दी।
पद्माक्षी चयनित मेधावी छात्राओं को नहीं मिली प्रोत्साहन राशि
आबूरोड. एक तरफ सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे नारे व इनसे जुड़ी योजनाएं जारी कर बालिकाओं को प्रोत्साहित करने का दावा करती हैं। वहीं, दूसरी ओर ऐसी योजनाओं के क्रियान्वयन में कितनी गंभीरता बरती जा रही है इसका अंदाजा पद्माक्षी पुरस्कार की राशि के भुगतान में हो रहे विलम्ब से लगाया जा सकता है। शिक्षा विभाग की ओर से आठवीं, दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं में जिले में प्रथम रही मेधावी छात्राओं को करीब दो माह पहले गार्गी पुरस्कार वितरण के समय पद्माक्षी पुरस्कार के प्रमाण पत्र तो वितरित कर दिए गए परन्तु प्रोत्साहन राशि का भुगतान आज तक नहीं हुआ।
आठ श्रेणियों में मिलता है
बालिका शिक्षा फाउंडेशन जयपुर की ओर से संचालित इस योजना में सामान्य, एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक, निशक्त, विशेष पिछड़ा वर्ग और बीपीएल सहित कुल आठ श्रेणियों में जिले में प्रथम रहने पद्माक्षी पुरस्कार दिया जाता है। इसके तहत आठवीं में 40 हजार, दसवीं में 75 हजार व बारहवीं बोर्ड परीक्षा में जिले में प्रथम रहने वाली छात्रा को एक लाख रुपए एकमुश्त व प्रमाण पत्र दिए जाते हैं। इन आठ श्रेणियों में चयनित जिले की एक भी छात्रा को अभी तक पुरस्कार की राशि नहीं मिली।
नहीं है सूचना
बालिकाओं को यह राशि मिली या नहीं मिली है, इसका शिक्षा विभाग को भी पता नहीं है, जिसका कारण किसी भी बालिका को यह रशि मिलती है, तो इसकी सूचना पहले जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक के पास आती है। ऐसे अब तक जिले की चयनीत 21 बालिकाओं के पास राशि नहीं आई है। जिले में 21 बालिकाओं को 14 लाख 70 हजार की राशि बकाया है।
आचार संहिता की वजह से देरी
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से लाभार्थी छात्राओं के खाता संख्या व अन्य विवरण जयपुर भिजवा दिए गए हैं। वहां से जल्द ही उनके खातों में राशि भेजी जाएगी। सूत्रों अनुसार विधानसभा चुनाव में लगी आचार संहिता से राशि नहीं मिली थी।