-बीमारी से सात की मौत का मामला:
रोहिड़ा (सिरोही). वालोरिया में बीमारी से सात जनों की मौत के बाद गुरुवार को पिण्डवाड़ा एसडीएम राजलक्ष्मी गहलोत ने क्षेत्र का जायजा लिया। लेकिन गांव में निरीक्षण के दौरान एसडीएम खुद बीमार हो गईं। दरअसल, पगाराफली में समीराराम की पुत्री की भी बीमारी से मौत हो गईथी। ऐसे में निरीक्षण के दौरान एसडीएम पहाड़ी में करीब डेढ़ किमी का रास्ता पैदल तय कर पगाराफली पहुंची। जहां से वापस लौटते समय उनकी तबीयत बिगड़ गई। जिस पर मौके पर मौजूद चिकित्सा टीम ने उनका उपचार किया। इसके बाद एसडीएम को चारपाईपर लैटाकर मुख्य रोड तक पहुंचाया गया। इसके बाद रोहिड़ा चिकित्सालय पहुंचाया गया। जहां उपचार किया गया।
भूला में भी दो की मौत
इधर, भूला में भी बीमारी से एक महिला व एक बच्चे की मौत की जानकारी मिली है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गईहै।
76 स्लाइड्स जांच के लिए भेजी
सिरोही. जिले के वालोरिया में बीमारी से सात बच्चों की मौत के बाद चिकित्सा विभाग की नींद टूटी और छह टीमों का गठन कर घर-घर सर्वे किया। चिकित्सा टीम ने गुरुवार को 362 घरों में सर्वे किया। जिसमें बुखार के 60 मरीज सामने आए हैं। इसके अलावा भी 76 संदिग्ध मरीजों की स्लाइड्स लेकर जांच के लिए भेजी गई है। जिसकी फिलहाल रिपोर्ट नहीं मिली है। वहीं गांव में घर-घर जाकर पायरेथ्रम का छिड़काव किया गया है। इसके अलावा पानी भराव वाले 14 स्थानों पर भी दवाई का छिड़काव किया गया है। वहीं पेयजल स्रोत के पास जल भराव में गम्बुशिया मछली छोड़ी गईहै। गौरतलब है कि वालोरिया गांव के सिलवाफली व उबागरा में मलेरिया बुखार की चपेट में आने से एक सप्ताह में सात बच्चों की मौत हो गई थी। इसमें दो बच्चे एक ही परिवार के थे। हालांकि, चिकित्सा विभाग ने छह बच्चों के मौत की पुष्टि की है।
पानी के लिए सैम्पल
टीम ने गांव में पेयजल के भी सैम्पल लिए हैं। पानी के 15 सैम्पल जांच के लिए भेजे गए हैं।
घर-घर में मरीज!
वालोरिया क्षेत्र में चिकित्सा व्यवस्था की बदहाली इस कदर है कि समय पर उपचार नहीं मिलने से घर-घर मौसमी बीमारी के मरीज हो गए हैं। 26 सितम्बर को चिकित्सा टीम के सर्वे में भी 25 मरीज मिले थे। हालांकि, अब घर-घर जाकर मरीजों के उपचार का दावा किया जा रहा है।
भूला में दो की मौत
इधर, भूला में भी गुरुवार को दो जनों की मौत का मामला सामने आया है। भूला सरपंच कन्हैयालाल अग्रवाल ने बताया कि छितरियाफली भूला निवासी कमला पत्नी केसराराम व गुडिय़ा पुत्री मंछाराम की बीमारी से मौत हो गई। हालांकि, चिकित्सा विभाग ने बीमारी से मौत की पुष्टि नहीं की है।
इन्होंने किया सहयोग
रोहिड़ा. एसडीएम की तबीत बिगडऩे पर चिकित्सालय लाने में पूर्व पंचायत समिति सदस्य सुधीर अग्रवाल व गौरव अग्रवाल ने सहयोग किया।
स्थिति नियंत्रण में
वालोरिया में स्थिति नियंत्रण में है। छह टीमों की ओर से सर्वे किया जा रहा है। साथ ही मरीजों का उपचार, पायरेथ्रम का छिड़काव समेत जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। 76 मरीजों की स्लाइड्स लेकर जांच के लिए भेजी गईहै।
डॉ. दिनेश कुमार शर्मा, सीएमएचओ, सिरोही
अस्पताल का निरीक्षण
उपखंड अधिकारी निशांत जैन ने गुरुवार को आकराभट्टा स्थित राजकीय चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। जैन ने बीमारियों की रोकथाम व सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। क्षेत्र में मौसमी बीमारियों के प्रकोप की सूचना पर एसडीएम ने अधिकारियों से रोकथाम के प्रयासों की जानकारी ली। चिकित्सालय प्रभारी डॉ. एमएल हिंडोनिया ने उन्हें रोगियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। एसडीएम ने चिकित्सालय परिसर, शौचालय, चिकित्स कक्षों, वार्डों आदि का निरीक्षण किया।
निजी अस्पताल पैदा कर रहे असमंजस
आबूरोड ञ्च पत्रिका. तहसील क्षेत्र में जिन मरीजों को निजी अस्पताल व लेबोरेट्रियों में जांच के बाद डेंगू मरीज होना बताया जा रहा है, उन्हें चिकित्सा विभाग व प्रशासन सामान्य बुखार के मरीज ही मान रहा है। यह बात बीसीएमओ कार्यालय आबूरोड से जारी विज्ञप्ति में बताई गई। बताया गया कि निजी चिकित्सालयों में कार्ड टेस्ट परीक्षण से जांचों में सामान्य बुखार के मरीजों में डेंगू पॉजिटिव बताया जा रहा है, जो हकीकत नहीं है। अधिकारी ने इसे महज भ्रामक स्थिति होना बताया। साथ ही, सभी निजी चिकित्सालयों व प्रयोगशाला के प्रभारियों को मलेरिया, डेंगू, स्वाइन फ्लू समेत नोटिफाइएबल बीमारियों के लिए गाइडलाइन की पालना करने के लिए पाबंद किया।
टेस्ट की नहीं सुविधा
तलहटी स्थित ग्लोबल अस्पताल में गत दस सितम्बर से अब तक रेपिड टेस्ट पद्धति से जांच में तेरह डेंगू पॉजिटिव मरीज पाए गए जबकि सरकार द्वारा मान्य बताए जा रहे एलिजा टेस्ट की आबूरोड में सुविधा नहीं है। सरकारी अस्पताल से संदिग्ध मरीज के सेम्पल लेकर जिला मुख्यालय भेजे जाते हैं, जहां से एक दिन बाद रिपोर्ट आती है। वहीं विभाग की ओर से बीके कॉलोनी, तलहटी क्षेत्र में डेंगू के प्रकोप की सूचना पर तीन दिन करवाए सर्वे में 253 घरों में 885 लोगों का परीक्षण किया। इनमें 17 बुखार के रोगी, पंद्रह ए केटेगरी के सर्दी जुखाम के रोगी पाए गए। वहीं तलहटी क्षेत्र में कार्ड टेस्ट में डेंगू पॉजिटिव पाई मृतका फूलन देवी के मामले में विभाग ने परिवार के बिहार होने के कारण जानकारी नहीं मिल पाना बताया।
अस्पताल संचालकों को हिदायत
उधर, अब विभाग निजी अस्पताल संचालकों को भी डेंगू मरीजों की सूचना मीडिया को देने से रोक रहा है।
गत 23 सितम्बर को ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने ग्लोबल अस्पताल के प्रभारी को पत्र भेजकर डेंगू पॉजिटिव मरीजों की लाइनलिस्ट मांगते हुए समाचार पत्रों में स्टेटमेंट नहीं देने के लिए कहा। इसमें 7 सितम्बर के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि मलेरिया या डेंगू चिह्नित होने पर जानकारी बीसीएमओ कार्यालय में भेजें व समाचार पत्रों में स्टेटमेंट नहीं दें।
मौसमी बीमारियों का प्रकोप, नहीं हो रही फोगिंग
सिराही. मौसम के बदले मिजाज के साथ बीमारियों का भी प्रकोप बढ़ गया है। जिले के वालोरिया में बीमारी की चपेट में आने से चार बच्चों की मौत भी हो चुकी है। इसके बाद चिकित्सा विभाग की टीम ने सर्वे किया तो गांव में 25 से अधिक बीमार मिल गए। ऐसे में जिलेभर में इस सीजन में मौसमी बीमारियों का प्रकोप है। लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से पुख्ता बंदोबस्त नहीं किए जा रहे हैं। सिरोही शहर में भी मच्छरों का प्रकोप है। इसके बावजूद चिकित्सा विभाग एवं नगर परिषद की ओर से विभिन्न कॉलोनियों में और रिहायशी इलाकों में मच्छरों के खात्मे के लिए फोगिंग नहीं किया जा रहा है। जबकि, अस्पताल का आउटडोर प्रतिदिन बढ़ रहा है। जिसमें मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या अधिक है।
चिकित्सालय पहुंच रहे प्रतिदिन 250 मरीज
बारिश के बाद अब मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। जगह-जगह हुए पानी के भराव और धूप-छांव की स्थिति से मच्छर पनप गए हैं। जिला अस्पताल में ही औसतन 350 मरीजों का आउटडोर है। इसमें से प्रतिदिन 150 से 250 मरीज मौसमी बीमारियों से ग्रसित ही आ रहे हैं। जिला मुख्यालय के रेबारीवास, कोतवाली मार्ग, टांकरिया समेत कईस्थानों नालियों अवरुद्ध होने के कारण जलभराव की समस्या होती रहती है। इनमें मच्छर पनप रहे हैं।
बढ़ रही मुसीबत
उमस व गर्मी के कारण लोगों को अब भी पंखे, कूलर व एसी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। जबकि, रात व अलसवेरे मौसम शीतल हो जाता है।
शहर में फैल रही बीमारियों की रोकथाम के लिए फोगिंग का कार्य शुरू कर दिया है।
-संतलाल मक्कड़, आयुक्त, नगर परिषद सिरोही