
सिरोही राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) की बैठक में मौजूद पदाधिकारी।
सिरोही. विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को उसी के समर्पित शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने बड़ा झटका दिया है। शिक्षकों के जिला स्तरीय सम्मेलन के ठीक पहले शिक्षक संघ पदाधिकारियों ने सम्मेलन के अतिथियों को शैक्षिक सम्मेलन में नहीं बुलाने का फैसला लिया है। एकाएक शिक्षक संघ की ओर से लिए गए फैसले से नेता भी हैरान हैं। सम्मेलन में भाजपा नेता ही मुख्य अतिथि अध्यक्ष विशिष्ट अतिथि के रूप में आने थे। दरअसल, राजस्थान शिक्षक संघ का दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन रेवदर में 28 सितबंर से शुरू होना है। सम्मेलन को लेकर संघ के पदाधिकारियों ने कार्ड छपवाकर अतिथियों को आमंत्रित भी कर दिया है लेकिन अंतिम दौर में प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर जिला सिरोही शाखा ने भी स्थानीय नेताओं को सम्मेलन में नहीं बुलाने का फैसला लिया है। इसी के साथ ही शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने दूरभाष से सम्मेलन के अतिथियों को सम्मेलन में नहीं आने की बात कहीं है। शिक्षक संघ के पदाधिकारी ने बताया कि सिरोही, पिण्डवाड़ा, रेवदर आदि जगह के जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं को सम्मेलन में नहीं बुलाया जाएगा। इसके लिए संघ के पदाधिकारी संबंधित ब्लॉक के नेताओं से संपर्क कर सम्मेलन में नहीं आने की बात कहेंगे। इससे पूर्व रेवदर में शिक्षक संघ राष्ट्रीय की बैठक हुई और सम्मेलन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
इनका होना था आतिथ्य
सूत्र बताते हैं कि शिक्षक संघ राष्टीय का सम्मेलन 28 सितंबर को सवेरे साढ़े ग्यारह बजे से रेवदर में आयोजित होगा। इसमें सासंद से लेकर गोपालन राज्यमंत्री आने वाले थे लेकिन संघ शिक्षकों की समस्याओं के समाधान नहीं होने से नाराज हैं। संघ केवल आरएसएस के पदाधिकारियों को ही बुलाएगा। सम्मेलन में मुख्य अतिथि गोपालन राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, अध्यक्षता सांसद देवजी पटेल, विशिष्ट अतिथि जिला प्रमुख पायल परसरामपुरिया, रेवदर विधायक जगसीराम कोली, पिण्डवाडा.आबू समाराम गरासिया, भाजपा जिलाध्यक्ष लुम्बाराम चौधरी, रेवदर प्रधान पूंजाराम मेघवाल थे। पर अब संघ इन नेताओं को सम्मेलन में नहीं बुलाएगा। ऐसे में अब सम्मेलन आरएसएस के पदाधिकारियों के आतिथ्य में ही होगा। अब सम्मेलन में मुख्य वक्ता प्रांत प्रचार प्रमुख पंकज कुमार, प्रदेश पर्यवेक्षक शिवदत्त आर्य, शैक्षिक वार्ताकार रामचन्द्र रावल होंगे।
इसलिए नाराज
शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने प्रदेश स्तर पर 10 सितंबर 2018 से 25 सितंबर तक क्रमिक धरना शिक्षा संकुल जयपुर पर दिया था। इस दौरान सरकार ने किसी स्तर पर भी संवाद नहीं करते हुए संगठन के साथ वार्ता नहीं करने से शिक्षक समाज में आक्रोश है। जिलाध्यक्ष मनोहरसिंह उदावत ने बताया कि प्रदेश स्थाई समिति की बैठक में सरकार की असंवेदनशीलता एवं हठधर्मिता व्यवहार के कारण निर्णय लिया कि जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन में किसी भी राजनेता को राजनेता को आमंत्रित नहीं किया जाएगा। जिला मंत्री कानाराम प्रजापति ने बताया कि संगठन की ओर से सभी श्रेणी के शिक्षकों की वेतन विसंगति, पुरानी पेंशन लागू करने, काउंसलिंग प्रक्रिया में सभी रिक्त पद सात दिन पूर्व दर्शाने पंचायतराज मद के शिक्षकों को कोषालय की ओर से वेतन भुगतान करने, शेष रहे पैराटीचर्स, संविदाकर्मियों को प्रबोधक बनाने, प्रबोधकों की पदोन्नति करने, स्कूल का समय पूर्व की भांति रखने, संगठन को मान्यता प्रदान करने आदि प्रमुख मांगें हंै।
Published on:
27 Sept 2018 10:05 am
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