अस्पताल में चिकित्सक तो है पर उपकरण नदारद

शहर के सरकारी अस्पताल में दंत चिकित्सक को लगाए तीन साल बीत गए, पर चिकित्सा विभाग दंत रोगियों के इलाज के लिए जरूरी डेंटल चेयर व अन्य उपकरण उपलब्ध कराना भूल गया। ऐसी स्थिति में दंत चिकित्सक को दंत रोगियों के बजाय सामान्य रोगियों का उपचार करना पड़ रहा है।

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Jun 07, 2016
doctor present in hospital but equipment not avilable

शहर के सरकारी अस्पताल में दंत चिकित्सक को लगाए तीन साल बीत गए, पर चिकित्सा विभाग दंत रोगियों के इलाज के लिए जरूरी डेंटल चेयर व अन्य उपकरण उपलब्ध कराना भूल गया। ऐसी स्थिति में दंत चिकित्सक को दंत रोगियों के बजाय सामान्य रोगियों का उपचार करना पड़ रहा है। विडम्बना ही कही जाएगी कि अस्पताल में दंत चिकित्सक की मौजूदगी के बावजूद दंत रोगियों को गुजरात के निजी अस्पताल का रूख करने को विवश होना पड़ रहा है।
दर्द निवारक गोलियां ही उपचार
दांतों के रोग से पीडि़त कोई रोगी अस्पताल पहुंच भी जाता है तो दंत चिकित्सक उपकरणों के अभाव मेंं उसका उपचार नहीं कर पातीं। ज्यादा से ज्यादा दर्दनिवारक गोलियां दे दी जाती है। अमूमन पीसीएम की गोलियां दी जाती है। दंत चिकित्सक को अक्सर अन्य चिकित्सक के कमरे में बैठकर सामान्य रोगियों का उपचार करते देखा जा सकता है। चिकित्सक के मुताबिक दांत के रोगी तो रोजाना आते हैं और छोटी-मोटी तकलीफ का उपचार भी किया जाता है। हालांकि, डेन्टल चेयर, एक्स-रे मशीन, कम्प्रेशर मशीन व अन्य उपकरणों के अभाव में न तो दांत के रोग की सही स्थिति का पता लगाया जा सकता है और न ही ढंग से उपचार किया जा सकता है। सही उपचार के लिए अस्पताल में आवश्यक उपकरण होने जरूरी है।
फ्लोराइड से दांतों की तकलीफ
ब्लॉक में भूजल स्तर गिरने से दिनों दिन फ्लोराइड की समस्या बढ़ती जा रही है। फ्लोराइडयुक्त पानी पीने से दांत संबंधी रोगों से पीडि़तों की संख्या बढ़ती जा रही है। आदिवासी क्षेत्र से तो दंत रोग के मरीज रोजाना आते है, पर उपचार नहीं मिलने से उल्टे पांव लौटने को विवश हो जाना पड़ता है। कई मरीज निजी अस्पताल का रुख कर लेते हैं। फिर भी विभाग के अधिकारी आवश्यक उपकरण मुहैया कराने की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
इन्होंने बताया ...
कई बार लिखा है
चिकित्सालय को दांतों के उपचार सम्बंधी उपकरण मुहैया कराने के सिलसिले में कई बार लिखा गया। उच्चाधिकारियों से मौखिक रूप से भी मांग की गई, लेकिन उपकरण नहीं आए।
- डॉ. एमएल हिण्डोनिया, चिकित्सा प्रभारी, आबूरोड।
मरीज आते हैं, पर...
चिकित्सालय में दांतों के मरीज तो आते रहते है, पर उपकरण नहीं होने से काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उपकरण भेजने के लिए अधिकारियों को कई बार लिखा भी है पर अभी तक उपकरण नहीं मिले।
- डॉ. अंकिता वर्मा, दंत चिकित्सक, आबूरोड।

Published on:
07 Jun 2016 02:21 pm
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