पिण्डवाड़ा व रामसीन से ली सप्लाई...
सिरोही. जिला मुख्यालय एवं आसपास के गांवों में मंगलवार को विद्युत व्यवस्था गड़बड़ाने से उमस भरी गर्मी में लोग त्रस्त रहे।
सिंदरथ मार्ग स्थित जीएसएस पर मंगलवार को रखरखाव को लेकर कुछ क्षेत्र में सुबह करीब चार घंटे बिजली कटौती थी। तय समय में काम पूरा नहीं होने पर शहर में बिजली बंद हो गई। सवेरे ९ से दोपहर १.३० तक कम वोल्टेज आने से लोगों ने बिजली उपकरण नहीं चलाए।
कनिष्ठ अभियंता मोहसिन खान ने बताया कि जीएसएस के रखरखाव के लिए बिजली बंद की थी लेकिन काम ज्यादा होने के कारण शहर में सप्लाई के लिए पिण्डवाड़ा तथा ग्रामीण क्षेत्र के लिए रामसीन से बिजली ली गई। दोनों स्थानों की दूरी अधिक होने के कारण लो वोल्टेज आया था। इसे करीब डेढ़ बजे ठीक कर दिया गया।
दो घंटे बाद
मिली स्वीकृति
जीएसएस के रखरखाव को लेकर डिस्कॉम की ओर से सवेरे ७ से ११ बजे तक बिजली कटौती का समय दिया गया था लेकिन जोधपुर डिस्कॉम की ओर से दो घंटे विलंब से स्वीकृति दी गई, इससे काफी समय लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ा।
...तो शहर अंधेरे में
नयाखेड़ा का जीएसएस शहर समेत आस-पास के ग्रामीण क्षेत्र को रोशन करता है, ऐसे में इस जीएसएस में मामूली सा फाल्ट या समस्या आए तो पूरा शहर अंधेरे में रहेगा।
ऐसे में यहां रखरखाव के कारण अन्य स्थानों से बिजली लेनी पड़ती है।
जान जोखिम में डालकर कार्य करते हैं विद्युत श्रमिक
पोसालिया. कस्बे में विद्युत आपूर्ति सुचारू रखने के लिए ग्रिड सब स्टेशनों पर तैनात कर्मचारी विकट हालात में काम करते हैं। मंगलवार तड़के जीएसएस में एक कर्मचारी ही था। सैकड़ों घरों को रोशन करने वाले इस जीएसएस की सार संभाल मात्र एक कर्मचारी के भरोसे है। कर्मचारी प्रकाश कुमार ने बताया कि फॉल्ट के कारण बिजली काटी गई है। अकेला कार्मिक होने के कारण यहां फ्यूज बांधे या फिर उपभोक्ताओं के फोन अटेण्ड करे। यहां छोटे-मोटे हादसे होने पर बेसिक फोन पर घंटी आनी शुरू हो जाती है। मंगलवार को बिजली बंद होने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जीएसएस की चार दीवारी नहीं होने के कारण कोई भी यहां आराम से प्रवेश कर चोरी कर सकता है। कर्मचारी के बैठने के लिए एक मात्र छप्पर है। यह सर्दी, गर्मी तथा बारिश में सिर ढकने के काम
आता है।