
आबूरोड. प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद मनरेगा योजना रफ्तार पकडऩी शुरू कर दी है। मनरेगा के तहत चल रहे कार्यो व श्रमिकों की संख्या के आधार पर जारी रैकिंग में सिरोही जिला प्रदेश में सक्रिय श्रमिकों की संख्या को लेकर बुधवार को पहले पायदान पर रहा। जिले में १६२ ग्राम पंचायतों में १६१६ कार्यो के लिए मस्टररोल जारी किए है। इन कार्यो पर ४३ हजार २०७ श्रमिक कार्यरत है। जिले में १ लाख ५८ हजार ३३२ जॉब कार्ड जारी किए गए है। हालांकि पिछले पछले वर्ष के मुकाबले में इस वर्ष मनरेगा में रोजगार प्राप्त करने वालों की संख्या बढ़ी है। पिछले वर्ष २० हजार ४९ श्रमिकों ने कार्य किया था।
काम मांगों अभियान के बाद जागे जिम्मेदार
मनरेगा योजना भाजपा राज में पूरी तरह हासिए पर रही। अब कांग्रेस के आते ही अफसर जागे है। सत्ता परिवर्तन के बाद अफसरों ने निरीक्षण शुरू कर दिए। इस बीच उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने प्रदेशभर में काम मांगो अभियान का ऐलान कर दिया। इसके तहत कोई भी व्यक्ति ग्राम पंचायत में जाकर काम मांग सकता है।
शिक्षा से बदली स्थिति
प्रदेश में 15 वर्ष पहले मनरेगा योजना श्रमिकों के रोजगार का प्रमुख जरिया बनी थी। लेकिन प्रदेश के ज्यादातर जिलों में शिक्षा का स्तर बढऩेे के कारण स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। काम मांगों अभियान का सबसे ज्यादा प्रभाव भी आदिवासी जिलों में ही नजर आ रहा है। आदिवासी बहुल पिण्डवाड़ा में जिले के सबसे ज्यादा श्रमिकों ने कार्य किया यहां पर ३७ पंचायतों में १४ हजार ४४४ श्रमिकों ने काम किया।
१०० दिन कार्य में भी पिण्डवाड़ा अव्वल
राज्य सरकार की ओर से श्रमिकों को १०० दिन का लक्ष्य भी निर्धाति किया है, जिसमें पिण्ड़वाड़ा ब्लॉक सबसे आगे है। पिण्डवाड़ा में ९०४, शिवगंज में ८७०, रेवदर में ७५४, सिरोही में ७३३ तथा सबसे कम आबूरोड में ६७७ श्रमिकों ने १०० दिन काम किया।
जिले में यह योजना की प्रगति
- जिले में जारी किए जोब कार्ड- १५८३३२
- सक्रिय परिवार (तीन वर्षाे से)- ८९७०१
- सक्रिय श्रमिक (तीन वर्षाे से)- ११४२६३
- काम मांगने वाले परिवार ८१०४९
रोजगार ऑफर करवाए परिवार ८०९८६
यह है जिले में श्रमिकों का आंकड़ा
ब्लॉक श्रमिक पिछले वर्ष श्रमिक
आबूरोड ७४९९ ३४९८
पिण्डवाड़ा १४४५९ ६२५५
रेवदर ७८३१ ३५९७
सिरोही ७१८२ २९६०
शिवगंज ६२३६ ३७३९