सिरोही

photo story:प्रसूता के परिजन अब बनेंगे ‘सरकारी प्रसवसखी

- अब लेबर रूम में बैठेेंगे परिजन- भावनात्मक जुडाव व पारदर्शिता के प्रयास
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Mar 06, 2019
sirohi
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आबूरोड. प्रसूता के साथ अस्पताल जाने वाली मां, बहन, भाभी,चाची तथा ननद को अब अस्पताल प्रशासन लेबर रूम से बाहर नहीं निकाल सकेगा। सरकार ने प्रसुताओं के साथ आने वाले परिजनों को अब प्रसवसखी बना दिया है, जो लेबर रूम में नियमानुसार मौजूद रह सकेंगी। सरकार की मंशा है कि प्रसव के समय केवल चिकित्सा स्टाफ नहीं रहे बल्कि प्रसूता के परिवार की एक महिला उसके साथ बैठें। इसमें यह शर्त जरूर है कि सखी विवाहिता हो ताकि विपरित परिस्थिति में वह सहयोग करेगी।
जिले में ६० प्रसव पॉइट
प्राथमिक से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तक ६० प्रसव केन्द्र ऐसे है जहां पर प्रसव होता है। जिसमें ९सीएचसी, २८ पीएचसी तथा २३ सब सेंटर है। विभाग की ओर से भी सभी प्रभारियों को प्रत्येक स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसव करवाने के निर्देश दिए जाते है।
ये है नई गाइड लाइन
- प्रत्येक लेबर रूम साफ सुथरा हो।
- सभी में बेहतर प्रकाश एवं हवा की व्यवस्था हो।
- सभी जरूरी साधन उपलब्ध हो,जो प्रत्येक प्रसव के बाद स्टरलाइज किए जाए।
-सफाईकर्मी संभवत महिला हो।
-सभी प्रकार की दवाईयां उपलब्ध हो।
- बायोवेस्ट का संधारण नियमानुसार होना चाहिए।
- चिकित्सक व स्टाफ रात को वहां निवासरत हो।
इनका कहना...
विभाग की ओर से प्रसवसखी योजना जारी की गई है, इससे प्रसूता को लेबर रूम में जाने के दौरान दिक्कत नहीं आएगी तथा पारदर्शिता बनी रहेगी।
- डॉ. दिनेश शर्मा, सीएमएचओं सिरोही।

Published on:
06 Mar 2019 10:49 am