सिरोही

Sirohi: सत्यापन नहीं करवाया तो बच्चों की अटक सकती है पालनहार की राशि, अभिभावक शीघ्र करें ये काम

निराश्रित एवं अनाथ बच्चों के पालन-पोषण एवं शिक्षा के लिए सरकार पालनहार योजना के तहत बच्चों को सहायता राशि देती है, लेकिन कई अभिभावकों की ओर से साल में एक बार भौतिक सत्यापन नहीं करवाने से प्रदेश में बहुत से बच्चे योजना से वंचित रह जाते हैं।

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Palanhar Yojana: राजस्थान में निराश्रित एवं अनाथ बच्चों के पालन-पोषण एवं शिक्षा के लिए सरकार पालनहार योजना के तहत बच्चों को सहायता राशि देती है, लेकिन कई अभिभावकों की ओर से साल में एक बार भौतिक सत्यापन नहीं करवाने से प्रदेश में बहुत से बच्चे योजना से वंचित रह जाते हैं। स्कूल खुलते ही जुलाई महीने से शुरू हो जाता भौतिक सत्यापन का कार्य शुरू हो जाता है। हालांकि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग समय-समय पर कैम्प व वंचित बच्चों के अभिभावकों से सम्पर्क कर सत्यापन करवाने के लिए प्रेरित भी करते हैं। फिर भी कई बच्चे योजना का लाभ नहीं ले पाते। अभी भौतिक सत्यापन का कार्य शुरू हो चुका है। सत्यापन के अभाव में बच्चे योजना की राशि से वंचित हो सकते हैं।

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प्रदेश में 6.50 लाख पालनहार लाभार्थी

प्रदेश में करीब 6 लाख 50 हजार पालनहार लाभार्थी पंजीकृत हैं। इन सभी को साल में एक बार ई-मित्र पर जाकर भौतिक सत्यापन करवाना जरूरी होता है। सत्यापन नहीं करवाने से पालनहार योजना के तहत मिलने वाली राशि अटक जाती है। स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होते ही जुलाई महीने से ही सत्यापन का कार्य भी शुरू हो जाता है। योजना के तहत स्कूल में अध्ययनरत 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों को 1500 रुपए एवं 6 से 18 वर्ष तक के बच्चों को 2500 रुपए प्रति माह राशि दी जाती है। यह राशि नियमित रूप से राजकीय स्कूल में पढऩे वाले विद्यार्थियों को ही दी जाती है।

इस तरह करवाना होगा भौतिक सत्यापन

योजना के तहत जिन्होंने पोर्टल पर पूर्व में दस्तावेज अपलोड करवा दिया, उनको ई-मित्र पर जाकर केवल सत्यापन ही करवाना होगा और जिन्होंने अभी तक पोर्टल पर दस्तावेज ही नहीं भिजवाए, उनको पालनहार एवं लाभार्थी के आधार कार्ड, पालनहार स्वीकृति आदेश, बैंक पास बुक, भामाशाह कार्ड, बच्चों के अध्ययनरत होने या आंगनबाड़ी में नामांकित होने का प्रमाण पत्र की प्रतियां पंचायत सचिव को देनी होगी।

इनको मिलता है योजना का लाभ

पालनहार योजना के अन्तर्गत 10 श्रेणी निर्धारित की गई है। जिसमें अनाथ बालक-बालिका, निराश्रित विधवा-परित्यक्ता, नाता जाने वाली माता, तलाकशुदा, विशेष योग्यजन, सिलिकोसिस पीड़ित, कुष्ठ रोग से पीड़ित, एड्स पीड़ित, आजीवन कारावास की सजायाप्ता बंदी के 18 वर्ष की आयु तक के बालक-बालिकाओं के पालन पोषण व शिक्षा के लिए राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

भौतिक सत्यापन करवाना जरूरी

पालनहार से लाभान्वित परिवारों को हर साल ई-मित्र पर जाकर भौतिक सत्यापन कराना जरूरी है। सत्यापन नहीं कराने पर बच्चों को मिलने वाली राशि अटक जाती है। स्कूल शुरू होते ही जुलाई महीने में भौतिक सत्यापन का कार्य शुरू हो जाता है।
राजेन्द्र कुमार पुरोहित, उप निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सिरोही

फैक्ट फाइल: सिरोही जिला

आबूरोड ब्लॉक में कुल एक हजार पालनहार के 1663 बच्चे लाभार्थी हैं, जिसमें अभी 69 पालनहारों ने 126 बच्चों का सत्यापन कराया है। पिण्डवाड़ा ब्लॉक में कुल 3702 पालनहारों के 7174 बच्चे लाभार्थी हैं, जिनमें अभी 568 पालनहारों ने 1199 बच्चों का सत्यापन कराया है। रेवदर ब्लॉक में 1337 पालनहारों के 2319 बच्चे लाभार्थी हैं, जिनमें अभी 156 पालनहारों ने 304 बच्चों का सत्यापन कराया है। शिवगंज ब्लॉक में 1073 पालनहारों के 1839 बच्चे लाभार्थी हैं, जिनमें अभी 140 पालनहारों ने 258 बच्चों का सत्यापन कराया है। सिरोही ब्लॉक में 1263 पालनहारों के 2134 बच्चे लाभार्थी हैं, जिनमें अभी 138 पालनहारों ने 242 बच्चों का सत्यापन कराया है। सिरोही जिले में कुल 8375 पालनहारों के 15129 बच्चे लाभार्थी है। जिनमें अभी 1071 पालनहारों ने 2129 बच्चों का सत्यापन कराया है।

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Published on:
01 Aug 2025 01:59 pm
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