
रेवदर (सिरोही). गुजरात में पकड़े गए नकली नोट के मामले के तार सिरोही जिले से जुड़ गए हैं। नकली नोट प्रकरण को लेकर गुजरात पुलिस सोमवार रात यहां पहुंची और रेवदर थाना क्षेत्र के गांवों से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर प्रिन्टर और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। इससे यह आशंका जाहिर की जा रही है कि यहां नकली नोटों की छपाई हो रही थी। लेकिन इस पूरे मामले को लेकर सिरोही जिले की पुलिस को कोई भनक तक नहीं लगी। यहां नकली नोट छपाई को लेकर स्थानीय पुलिस ने तो अनभिज्ञता तक जाहिर की है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि गुजरात में नकली नोट छापकर बाजार में चलाने के मामले में रेवदर थाना क्षेत्र के एक युवक को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जिससे पूछताछ के आधार पर गुजरात पुलिस यहां से तीन युवकों को गिरफ्तार कर ले गई है।
पूछताछ में खुला राज तो पहुंची गुजरात पुलिस
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने सगे भाई मीठालाल मेघवाल के साथ मिलकर नकली नोट का कारोबार करना कबूला। जिस पर गुजरात पुलिस की टीम सोमवार को मारोल पहुंची और मीठालाल को
गिरफ्तार किया।
...और आगे जुड़ते
गए तार
पुलिस ने एक-एक कर आरोपियों को गिरफ्तार किया तो आगे से आगे तार जुड़ते गए और कुल चार आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने मीठालाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने हड़मतिया (अनादरा) निवासी वजाराम रेबारी को भी नकली नोट चलाने के कारोबार संलिप्त होना बताया। ऐसे में पुलिस ने वजाराम को भी गिरफ्तार कर लिया। वहीं उसने पुलिस पूछताछ में बताया कि असाव (रेवदर) निवासी एक अन्य व्यक्ति भी इस धन्धे में लिप्त है और वह अहमदाबाद जाकर प्रिंटर के माध्यम से नकली नोट तैयार करता है। जिस पर पुलिस ने असाव गांव में दबिश देकर भंवरलाल माली को गिरफ्तार किया। वहीं आरोपी के कब्जे से प्रिंटर सहित अन्य उपकरण बरामद किए।
यह था मामला
दरअसल, रखीयाल (अहमदाबाद) के थाना प्रभारी जेजे गढ़वी, पीजे खरसान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने करीब १६ हजार रुपए की नकली मुद्रा के साथ मारोल (रेवदर) निवासी भैराराम मेघवाल को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो हजार के छह व पांच सौ के आठ नकली नोट बरामद किए थे।
२ हजार के नोट की कीमत ७०० रुपए
गुजरात पुलिस की प्रारम्भिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी नकली नोट को कम कीमत में किसी को बेच देते थे। इसके बाद नकली नोट को असली मुद्रा की तरह बाजार में चला देते थे। आरोपी २ हजार और ५०० रुपए की ही नकली मुद्रा तैयार करते थे। जिसमें २ हजार का नकली नोट ७०० रुपए व ५०० रुपए का नकली नोट २०० से ३०० रुपए में बेच देते थे।
एक लाख रुपए के नकली नोट छापेपुलिस की प्रारम्भिक पड़ताल में सामने आया हैकि आरोपियों के करीब १ लाख रुपए की नकली मुद्रा छापकर तैयार की थी। लेकिन उसमें करीब ५० हजार रुपए बारिश में भीगने से खराब हो गए। ऐसे में उन्हें फेंक दिया। वहीं करीब ४०-५० हजार रुपए जुए और शराब पार्टियों में
उड़ा दिए।
&गुजरात पुलिस ने नकली नोट प्रकरण में रेवदर क्षेत्र के कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, प्रारम्भिक तौर पर यहां नकली नोट छापने या चलाने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।
जय यादव, पुलिस अधीक्षक, सिरोही