सिरोही

राजस्थान में इंडियन एयर फोर्स का फाइटर प्लेन मिग-27 क्रेश, पायलट सुरक्षित

MiG 27 UPG aircraft on a routine mission from Jodhpur, crashed.
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Mar 31, 2019
 MiG 27 UPG aircraft on a routine mission from Jodhpur, crashed.

सिरोही।

राजस्थान के सिरोही के पास भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) का एक लड़ाकू विमान मिग-27 दुर्घटनाग्रस्त (Fighter Plane Crash) हो गया। सौभाग्य से विमान में सवार दोनों पायलट समय रहते पैराशूट के जरिए सुरक्षित कूदने में कामयाब रहे। यह विमान अपनी नियमित उड़ान पर था। जानकारी के अनुसार सिरोही की शिवगंज तहसील के गोडाना गांव में ये लड़ाकू विमान क्रेश हुआ। हादसे की खबर मिलने के बाद जोधपुर वायुसेना स्टेशन से रेस्क्यू टीम मौके के लिए रवाना हुई। हादसे के कारण का अभी पता नहीं चला है और विस्तृत ब्योरे की प्रतीक्षा की जा रही है।

जानकारी के अनुसार मिग-27 ने 11़.45 बजे उत्तरलाई एयरफोर्स स्टेशन से उड़ान भरी थी लेकिन इंजन में गड़बड़ी के कारण यह जोधपुर से 120 किलोमीटर दक्षिण में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। आरंभिक रिपोर्टों में यह बात सामने आई है कि विमान दुर्घटना के कारण जमीन पर कोई नुकसान नहीं हुआ है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दे दिये गये हैं। भारतीय वायु सेना का यह नौंवा विमान था जो इस साल दुर्घटनाग्रस्त हुआ है।

गौरतलब है कि हाल ही में बीकानेर में भी भारतीय वायु सेना का लड़ाकू विमान मिग-21 क्रेश हुआ था। उस समय मिग-21 बाइसन लड़ाकू विमान नाल में दुर्घटनागस्त हो गया लेकिन सौभाग्य से पायलट समय रहते पैराशूट की मदद से सुरक्षित बच निकलने में सफल रहा था। उस समय भी मिग-21 लड़ाकू विमान ने नाल वायु सैनिक अड्डे से नियमित मिशन पर उडान भरी थी लेकिन यह कुछ देर बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान में गड़बड़ी का पता चलते ही पायलट ने पैराशूट की मदद से छलांग लगा दी थी।

जानें क्या है मिग 27

एक रुसी लड़ाकू विमान है। मूल रूप से इसे सोवियत संघ में मिकोयान-गुरेविच ब्यूरो द्वारा डिज़ाइन और निर्मित किया गया था। बाद में लाइसेंस पर भारत में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स द्वारा बहादुर विमान के रूप में भी इसे निर्मित किया गया था। यह मिकोयान-गुरेविच मिग-23 लड़ाकू विमानों पर आधारित है लेकिन मिग-23 के विपरीत यह एयर-टू-ग्राउंड हमले करने के लिए अनुकूलित है। मिग-27 का रूस के बाहर व्यापक उपयोग नहीं देखा गया है। चूंकि ज्यादातर देशों ने मिकोयान-गुरेविच मिग-23बीएन और सुखोई एसयू-22 का विकल्प चुना है। यह ग्राउंड अटैक की भूमिका में भारतीय, कज़ाख और श्रीलंका के एयर फोर्स मे अभी भी सेवा में मे बना हुआ है। सभी रूसी और यूक्रेनी मिग-27 सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

Published on:
31 Mar 2019 01:05 pm