सिरोही

नाबालिग ने वाहन चलाया तो होगी कार्रवाई

यातायात पुलिस ने दिए निर्देश, हादसों में बच्चों की मौत रोकने के लिए उठाया कदम
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Aug 28, 2018
sirohi
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सिरोही. अब नाबालिग बच्चों का दुपहिया वाहन चलाना उनके अभिभावकों के लिए भारी पड़ सकता है। जी हां! शहर में बिना रोकटोक फर्राटे भरने वाले नौनिहालों की अब खैर नहीं। पहली बार में पकड़े जाने पर पुलिस समझाइश करेगी। दूसरी बार में वाहन मालिक व अभिभावक की दो घंटे क्लास लगेगी। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात ने प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षक को इसके निर्देश जारी किए हैं। जिसमें नाबालिग बच्चों के वाहन चलाने पर यातायात पुलिस व थाना प्रभारियों को कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं। कार्रवाई की रिपोर्ट हर माह भेजने के निर्देश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बढ़ती सड़क दुर्घटना पर अंकुश लगाने व 2018 में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और हादसों में मौत दस फीसदी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से समीक्षा में पाया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों एवं घायलों में नाबालिग बच्चों की संख्या में वृद्धि हो रही है। इसी को देखते हुए नाबालिग बच्चों एवं अभिभावकों को जागरूक करने की आवश्यकता है।
रुला गए नौनिहाल
पुलिस विभाग की ओर से सड़क दुर्घटना के आंकड़ों की समीक्षा करने पर पाया कि प्रदेश में वर्ष 2017 में 22 हजार 112 सड़क दुर्घटनाएं हुई। जिसमें 10 हजार 444 लोगों ने अपनी जान गवाई है। वहीं 22 हजार 71 व्यक्ति घायल हुए। हादसे में 46 5 नाबालिग बच्चों की दुर्घटना में मौत हुई है। वहीं 1 हजार 70 बच्चे घायल हुए हैं। इन दुर्घटना को रोकने के लिए पुलिस विभाग ने अभियान शुरू किया है।
कमी लाना प्राथमिकता
सर्वोच्च न्यायालय की ओर से सड़क सुरक्षा के विषय को गंभीरता से लेते हुए मॉनिटरिंग की जा रही है। राज्य स्तर पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सड़क सुरक्षा नियमों को आमजन तक पहुंचाना है। वर्ष 2018 में पुलिस प्राथमिकता में सड़क दुर्घटनाओं में कमी व 10 प्रतिशत मृत्यु दर में कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
एमवी एक्ट में
सजा व जुर्माना भी
नाबालिग के फिर से वाहन चलाते पकड़े जाने पर एमवी एक्ट की धारा 18 0 व 18 1 के तहत वाहन मालिक, नाबालिग व अभिभावक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसमें अभिभावक के खिलाफ सजा का प्रावधान व जुर्माना भी हो सकता है।
पहले समझाइश, फिर होगी कार्रवाई
आदेश में बताया कि कोई नाबालिग चौपहिया व दुपहिया वाहन चलाते मिले तो उसको वाहन चलाने के नियम के बारे में जानकारी दी जाए। इसके बाद पकड़े जाने पर उसके अभिभावक को मौके पर बुलाकर दो घंटे की काउंसलिंग करेंगे और उन्हें यह बताया जाएगा कि नाबालिग के वाहन चलाने पर हादसा और अन्य नुकसान होते हैं। काउंसलिंग करने वाले का नाम, पता, वाहन संख्या रजिस्टर में दर्ज की जाएगी। इसके बाद अगर नाबालिग वाहन चलाते मिले तो वाहन को सीज किया जाएगा। वाहन मालिक व अभिभावक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Published on:
28 Aug 2018 10:27 am