
माउंट आबू। पर्यटन स्थल माउंट आबू में बुधवार को इस सीजन का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। इस सीजन में पहली बार न्यूनतम तापमान माइनस 1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। पारा माइनस में जाने से गलन भरी सर्दी का असर तेज हो गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा। सुबह भीषण सर्दी के कारण लोग दिन चढ़ने तक घरों में ही दुबके रहने को मजबूर रहे।
माउंट आबू में पिछले पांच दिनों से न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री पर बना हुआ था, जो बुधवार को एक डिग्री और लुढ़ककर माइनस में पहुंच गया। अधिकतम तापमान में भी एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे दिन का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा।
दांत किटकिटा देने वाली सर्दी से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि आसमान साफ रहने से सूरज निकलने पर अच्छी धूप खिली। सुबह सर्दी से राहत पाने के लिए लोग जगह-जगह अलाव तापते नजर आए। सड़कों के किनारे धूप सेंकने के लिए भी लोगों का जमावड़ा रहा। लोगों की दिनचर्या प्रभावित रहने से व्यापारिक प्रतिष्ठान भी देरी से खुले। सुबह वादियों में कोहरा छाया रहा, जो सूरज उगने के बाद धीरे-धीरे छंट गया।
पारा माइनस में पहुंचने से खुले मैदानों, बाग-बगीचों में खिले फूलों, सोलर प्लेटों, रात को खुले में खड़े वाहनों की छतों, पेड़-पौधों के पत्तों और घास पर बर्फ की परत जम गई। बर्फ जमने से मैदान सुबह सफेद नजर आए। शीतलहर से लोगों की धूजणी छूट गई और लोग भारी ऊनी कपड़ों में लिपटे नजर आए।
भीषण सर्दी के चलते माउंट आबू में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। लोगों की दिनचर्या प्रभावित होने से सुबह बाजार देरी से खुले और शाम को लोग जल्दी ही घरों और होटलों में दुबक गए। आमतौर पर देर रात तक रोशन रहने वाले बाजारों में सर्दी के असर से देर शाम को ही सन्नाटा पसर गया। माउंट आबू क्षेत्र के उतरज, शेरगांव, अनादरा सहित विभिन्न गांवों के ग्रामीणों को सब्जियां, दूध आदि शहर तक पहुंचाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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वर्ष 2018 में 15 दिसंबर को (-1), 2019 में 27 दिसंबर को (-1), 2020 में 14 दिसंबर को (-0.4), 2021 में 18 दिसंबर को (-3), 2022 में 26 दिसंबर को (-1), 2023 में 6 दिसंबर को (-1), 2024 में 9 फरवरी को (-2), 2025 में 1 जनवरी को (-0.8) तथा 2026 में 7 जनवरी को (-1) डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।