सिरोही

अब साइबर क्राइम के बाद ठगी का नया जरिया बनी डाक

सिरोही. साइबर क्राइम के प्रति लोगों में जागरूकता बढऩे व लॉटरी आदि के नाम पर ठगी के तरीके पुराने होने के बाद शातिरों ने अब डाक के माध्यम से पत्र भेजकर ग्रामीणों को ठगने का नया तरीका निकाला है। इन दिनों गांवों में ऐसे पत्र लोगों को मिल रहे हैं, जिनमें एक लक्की ड्रॉ का कूपन दिया है।
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Mar 01, 2019
sirohi
अब साइबर क्राइम के बाद ठगी का नया जरिया बनी डाक

सिरोही. साइबर क्राइम के प्रति लोगों में जागरूकता बढऩे व लॉटरी आदि के नाम पर ठगी के तरीके पुराने होने के बाद शातिरों ने अब डाक के माध्यम से पत्र भेजकर ग्रामीणों को ठगने का नया तरीका निकाला है। इन दिनों गांवों में ऐसे पत्र लोगों को मिल रहे हैं, जिनमें एक लक्की ड्रॉ का कूपन दिया है। जिसमें स्क्रेच करने पर इनाम खुलने के नाम पर ठगी करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, जिले में इस तरह से ठगी होने का कोई मामला सामने नहीं आया है लेकिन डाक के माध्यम से ऐसे लॉटरी कूपन कई लोगों के पास पहुंचे हैं। सिरोही जिले के आकूना निवासी धीमाराम समेत कई लोगों को डाक के माध्यम से लिफाफे प्राप्त हुए। इनको खोलने पर ‘संजीवनी आयुर्वेदा आश्रम’ ताज बिल्डिंग नागेन्द्र रोड पुरी का एक पत्र व कूपन निकलता है। पत्र में संस्था के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में लक्की ड्रॉ निकालने की बात लिखी हुई है।
स्क्रेच करने पर कार का झांसा, मांगे रुपए
डाक से पत्र मिलने पर धीमाराम ने उसे खोला तो पत्र व कूपन निकला। ऐसे में पत्र में लिखे निर्देश के अनुसार उन्होंने कूपन को स्क्रेच किया। जिस पर उसमें तृतीय पुरस्कार कार लिखा मिला। ऐसे में कार पाने के लालच में उन्होंने पत्र पर लिखे हैल्पलाइन नम्बर पर कॉल किया तो उन्हें कार की कीमत नकद या कार को पुरस्कार के रूप में देने का झांसा मिला। साथ ही बैंक डिटेल्स, आधार नम्बर समेत अन्य जानकारी मांगी। वहीं पुरस्कार पर लगने वाले टैक्स आदि के रूप में ३ हजार १०० रुपए जमा करवाने की बात कही। टैक्स राशि जमा कराने के लिए दो अलग-अलग खाता नम्बर दिए। इसमें एक खाता उड़ीसा के बालासोर जिला के अंतरा में स्थित एसबीआई व दूसरा पटना (बिहार) में स्थित एक एसबीआई बैंक का दिया।
पत्रिका व्यू
दरअसल, जालसाजों ने ठगी का तरीका बदल दिया है। कॉल, मैसेज, इ-मेल के बाद अब लिफाफा या पार्सल भेजकर ठगी कर रहे हैं। ऐसे में इस तरह के झांसे से बचे। मुफ्त में कोई किसी को सामान या उपहार तक नहीं देते हैं। बिना ऑर्डर के कोई भी कम्पनी सामान नहीं भेजती। अगर बिना ऑर्डर के सामान आए तो समझ जाए कि जालसाजी का कोई नया तरीका है। उसमें भी लाखों की गाड़ी उपहार में देने का झांसा दिया जा रहा है। ऐसे किसी भी बहकावे में आकर ठगी का शिकार बनने से बचना ही सावधानी है।
रुपए मांगे
मेरे भाई के नाम से एक डाक मिली थी। खोलने पर एक पत्र व कूपन मिला। स्क्रेच करने पर कार इनाम के रूप में खुली। पत्र पर दिए गए नम्बर पर कॉल किया, तो कार के बदले कीमत के बराबर नकद राशि देने की बात कहते हुए बैंक डिटेल्स मांगी। वहीं पुरस्कार पर टैक्स लगने के बहाने ३१०० रुपए की डिमांड करते हुए एक खाते में ये राशि जमा कराने का बोला। ऐसे में मुझे लगा कि ठगी होने हो सकती है तो रुपए जमा नहीं करवाए।
-दोलाराम देवासी, फलवदी

Updated on:
01 Mar 2019 11:46 am
Published on:
01 Mar 2019 11:46 am