
आबूरोड. शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत शिक्षा सत्र २०१९-२० में निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण हो गई। इसके तहत सिरोही जिले के ३७७ स्कूलों के लिए ७ हजार ३३४ आवेदन किए है। वहीं प्रदेश के ३१ हजार स्कूलों में १९ लाख बच्चों ने नि:शुल्क शिक्षा के लिए आवेदन किए है। आवेदन पूर्ण होने के बाद अब लॉटरी के माध्यम से बच्चों का स्कूलों में प्रवेश के लिए चयन होगा। नि:शुल्क शिक्षा एवं बाल अधिकार अधिनियम २००९ के प्रावधान के अनुसार २०१९-२० की नि:शुल्क प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी। जिसमें एक साथ छात्र १५ स्कूलों में आवेदन कर सकता था। नि:शुल्क प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों के पूरे साल की पढ़ाई का खर्च सरकार की ओर से स्कूलों को दिया जाता है। जिसमें सामान्य, ओबीसी व एसबीसी वर्ग के लोग आवेदन कर सकते थे। ऐसे में अब आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। अब वेब पोर्टल एवं एप के माध्यम से मिले आवेदनों के बाद लॉटरी के माध्यम से उपलब्ध सीटों पर प्रवेश देने की कार्रवाई की जाएगी।
वार्ड वाले को मिलेगी प्राथमिकता
सूची के तहत वार्ड वाले को प्रवेश के लिए प्राथमिकता होगी। इसके बाद आठ अप्रेल से ७५ प्रतिशत अंक वाले स:शुल्क बालकों की संख्या के आधार पर आरटीई के नि:शुल्क बालकों को प्रवेश मिलेगा।
लॉटरी के बाद तय होगा
आरटीई प्रवेश के तहत निकाली जाने वाली लॉटरी प्रक्रिया के बाद बच्चों को प्राथमिकता क्रम निर्धारित होगा। इसके बाद ४ अप्रेल तक अभिभावकों को इच्छित विद्यालय में रिपोर्टिंग प्रपत्र के साथ प्रमाण पत्र सलंग्न करके जमा कराना होगा। उसके बाद स्कूल स्तर पर वार्ड व कैंचमेंट एरिया के तहत आने वाले वार्डो के लिए बच्चों की सूची जारी की जाएगी।
इतनों ने किया आवेदन
इस वर्ष आरटीई के तहत प्रवेश के जिले के करीब ३७७ विद्यालय थे। जिसमें प्रांरम्भिक के २९७ विद्यालयों में ४५४४ तथा माध्यमिक के ८० विद्यालय में २७९० छात्रों ने आवेदन किया। सरकार ने पूर्व में १५ मार्च को आरटीई से प्रवेश के लिए आवेदन की तिथि रखी थी, बाद में इसे बढ़ाकर २२ मार्च कर दी है। जिसका भी बच्चों को लाभ मिला। अब २७ को लॉटरी के बाद नि:शुल्क शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे।
फैक्ट फाइल....
ब्लॉक प्रारंम्भिक माध्यमिक
आबूरोड १४१० १९५८
पिण्डवाड़ा ६५२ १५२
रेवदर ६८७ १३६
शिवगंज ९४१ ३५३
सिरोही ८५४ १९१