
सिरोही. अब तक तो फाइव स्टार होटल के बारे में आपने सुना होगा, लेकिन अब सरकारी विद्यालय के भी बेहतर परिणाम देने पर फाइव स्टार का दर्जा दिया जा रहा है। जी हां अब बड़े होटलों को ंिदए जाने वाले स्टार की श्रेणी स्कूलों पर भी लागू की है। प्रदेश में विद्यालयों की गुणवत्ता को पहचान देने के लिए स्टार रैंकिंग में ३३ जिले में से सिरोही जिला अंतिम पायदान पर है।
इस रैंकिंग में जिला पिछड़ गया है। इसमें मात्र ९ विद्यालय को ही फाइव स्टार का दर्जा दिया गया है। जबकि, नागौर जिला प्रदेश में अव्वल रहा।
बताना होगा कारण
जिले में फाइव स्टार से कम रेटिंग प्राप्त करने वाले विद्यालयों के संस्था प्रधानों को कम रेटिंग मिलने का कारण भी बताना होगा। जिले में माध्यमिक शिक्षा के तहत २०२ स्कूल है और मात्र ९ स्कूलों को ही फाइव स्टार मिले हैं। ४० फीसदी से कम परिणाम देने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संस्था प्रणानों को कमियां दूर करने के भी निर्देश दिए हैं।
ये भी होगी श्रेणी
सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने व नामांकन बढ़ाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में अब बोर्ड परीक्षा के बाद उसके परिणाम के आधार पर सरकारी स्कूलों को रैंकिंग दी गई है।
इसके बाद स्कूल भी होटलों की तरह वन स्टार, फाइव स्टार आदि होंगे। अच्छे प्रदर्शन पर फाइव स्टार व खराब प्रदर्शन पर वन से फोर स्टार की रैकिंग मिलेगी।
(कार्यालय संवाददाता)
जिला पांच स्टार स्कूल
नागौर २१६
सीकर १८९
जयपुर १५६
झुन्झुनूं १४९
जोधपुर १४१
चूरू १२३
अलवर १२७
बाड़मेर १२२
हनुमानगढ़ ९७
भीलवाड़ा ९२
भरतपुर ८४
श्रीगंगानगर ८४
अजमेर ७७
जालोर ७३
बीकानेर ७०
दौसा ५१
टोंक ५२
पाली ३९
झालावाड़ ३९
जैसलमेर ३७
चित्तोडग़ढ़ ३४
डूंगरपुर ३२
उदयपुर २७
राजसमंद २५
बारां २१
सवाईमाधोपुर २०
बांसवाड़ा २०
करौली १३
धौलपुर १५
कोटा १४
प्रतापगढ़ ११
बूंदी ०९
सिरोही ०९