सिरोही

वादे हैं वादों का क्या? खुद के घर से एक किलोमीटर दूरी की समस्याओं को भी हल नहीं कर पा रहे हमारे ‘माननीय

जनप्रतिनिधियों का चयन जनता अपनी समस्याओं के निदान के लिए करती है। सभी विधायक और सभी पार्टी के लोग अपने क्षेत्र में करोड़ों रुपए के विकास कार्य का दावा हर चुनाव में करते हैं। पत्रिका ने पांच साल पहले चुने गए सिरोही, रेवदर और आबू-पिण्डवाड़ा के तीनों विधायकों ओटाराम देवासी, जगसीराम कोली और समाराम के घर और कार्यालय के एक किलोमीटर के हिस्से का दौरा किया। यहां की जनता जिस तरह से रह रही है वो सामने है। संपादन: अमरसिंह राव रिपोर्ट: राजू जाणी, प्रवीण दवे, नाथूसिंह बालिया
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सिरोही जिले के विधानसभा क्षेत्रों में पहुंची पत्रिका टीम, विधायक के घर व दफ्तर के नजदीक ही दिखी गंदगी और सफाई की समस्या
कहीं पानी बहता दिखा तो कई जर्जर सड़कें लोगों को दे रहीं दर्द, शिक्षा के मंदिर में व्यवस्थाएं भी लचर

सिरोही सिरोही से विधायक ओटाराम देवासी मूलत: पाली जिले के मुंडारा निवासी हंै लेकिन इनका दफ्तर सिरोही के शांति नगर में है। इसके एक किमी के एरिया में आने वाली कॉलोनियों का टीम ने दौरा किया तो जनता की कई परेशानी सामने आईं।

दफ्तर के बाहर फैला कीचड़, गंदे पानी की निकासी का नाला भी बंद
ड्रेनेज
विधायक के दफ्तर के बाहर ही गंदा पानी फैल रहा है। नालियां तक नहीं है। गंदे पानी के कारण आस-पास कीचड़ फैला रहता है।

पानी
देवासी के दफ्तर के आस-पास की कॉलोनियों में पानी आता है लेकिन नियमित आपूर्ति नहीं है। लोगों को अधिकांश समय पानी के टैंकर मंगवाने पड़ते हैं।

सफाई
इनके दफ्तर सामने स्थित सड़क किनारे कचरे का ढेर लगा नजर आया जो इस राह से गुजरने वालों के लिए भी मुसीबत बना हुआ है।

शिक्षा
दफ्तर से कुछ ही दूरी पर राजकीय विधि महाविद्यालय है लेकिन महाविद्यालय को अब तक खुद का भवन नहीं मिल पाया है।

स्वास्थ्य
सिरोही शहर में जिले का सबसे बड़ा चिकित्सालय है लेकिन आईसीयू और बर्न यूनिट बंद है। ऐसे में मरीजों को परेशानी होती है।

अतिक्रमण
सर्किट हाउस के पास बिलानाम जमीन पर कब्जा कर खेती की जा रही है लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही।

विधायक जगसीराम कोली गांव राणाड़ी में रहते हैं। इनके गांव में शुद्ध पेयजल की सुविधा नहीं है। इसके अलावा स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद, खस्ताहाल सड़कें सहित कई समस्याएं हैं। टीम को दौरे के दौरान ये दिखाई भी दीं।

आरओ प्लांट नहीं हुआ शुरू, फ्लोराइडयुक्त पानी पी रहे हैं राणाड़ी गांव के ग्रामीण

ड्रेनेज
गांव में नालियों की व्यवस्थित सुविधा नहीं है। ऐसे में कई जगह कीचड़ फैल रहा है। ऐसे में आस-पास के बाशिंदों को बीमारी फैलने का अंदेशा सता रहा है।

पानी
गांव में पानी का आरओ प्लांट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में ग्रामीण फ्लोराइडयुक्त पानी पी रहे हैं।

सफाई
गांव में नियमित साफ-सफाई भी नहीं होती है। ऐसे में कई मोहल्लों में कचरा जमा हो रहा है। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

शिक्षा
गांव में सरकारी विद्यालय है। जिसमें शिक्षकों के कई पद रिक्त हंै। ऐसे में विद्यार्थियों को शिक्षण कार्य को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्वास्थ्य
गांव में स्वास्थ्य सेवाओं की कोई सुविधा नहीं है। उप स्वास्थ्य केन्द्र तक नहीं है। ऐसे में लोगों को प्राथमिक चिकित्सा के लिए भी दूर-दराज जाना पड़ता है।

अतिक्रमण
राणाड़ी गांव रेवदर पंचायत का राजस्व गांव है। ऐसे में ग्राम पंचायत का ध्यान भी इधर कम ही जाता है। ऐसे में कई जगह अतिक्रमण से रास्ते संकरे हैं।


विधायक समाराम गरासिया वरली गांव के रहने वाले हैं लेकिन गांव में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। टीम ने क्षेत्र
का दौरा किया तो कई समस्याएं नजर आईं।

विधायक के गांव में पत्थर का अवैध खनन

ड्रेनेज
वरली में व्यवस्थित नालियों का अभाव है। इससे कई जगह गंदे पानी का भराव हो रहा है। गंदे पानी के कारण आस-पास के लोग परेशान हो रहे हैं।

पानी
विधायक के गांव वरली में लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है। आरओ प्लांट भी खराब पड़ा है। ऐसे में लोग फ्लोराइडयुक्त पानी पीने को मजबूर है।

सफाई
गांव के अधिकांश घरों में शौचालयों का निर्माण नहीं हो पाया है। ऐसे में लोग खुले में शौच जा रहे हैं। इसके अलावा नियमित साफ-सफाई का भी अभाव है।

शिक्षा
गांव में शिक्षा का स्तर भी निम्न है। प्राथमिक या उच्च प्राथमिक की शिक्षा ग्रहण करने के बाद अधिकांश बच्चे ड्रॉप आउट हो रहे हैं।

स्वास्थ्य
विधायक के गांव में चिकित्सा सुविधा का भी अभाव है। ऐसे में ग्रामीणों को प्राथमिक चिकित्सा के लिए भी इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।

कट रहे पहाड़
विधायक का गांव अवैध खनन का प्रमुख क्षेत्र रहा है। पिछले दिनों विधायक का ट्रैक्टर भी अवैध खनन में पकड़ा जा चुका है।

जनप्रतिनिधियों के जवाब
नगरपरिषद में हमने विकास के लिए छह करोड़ रुपए दिए हैं ताकि सड़क और अन्य सुविधा हो सके। पानी के लिए तीन करोड़ दिए हैं। गौरव पथ भी दिया है। लॉ कॉलेज की जमीन के लिए भी पांच करोड़ की राशि रखी है। शांतिनगर पहले कुछ नहीं था हमने पानी की व्यवस्था कराई है। आने वाले समय में नालियां भी बनाएंगे। ओटाराम देवासी, विधायक, सिरोही

रेवदर से जीरावल सड़क के डामरीकरण की स्वीकृति मिल चुकी है। आचार संहिता के चलते निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। रेवदर में महाविद्यालय स्वीकृति सहित शिक्षा के क्षेत्र में भी कई कार्य किए गए हैं। गांव में चुनाव के बाद शिक्षक भी लगा दिए जाएंगे।
जगसीराम कोली, विधायक, रेवदर

(आबू-पिण्डवाड़ा विधायक समाराम गरासिया से बात करने की कोशिश गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।)

Updated on:
27 Oct 2018 10:48 am
Published on:
27 Oct 2018 10:48 am