सिरोही

Rajasthan Crime News: आखिर लॉरेंस गैंग के निशाने पर क्यों हैं राजस्थान कांग्रेस के Ex-MLA संयम लोढ़ा, जानिए शार्प शूटर्स के बड़े खुलासे!

Sanyam Lodha Case : राजस्थान पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और जोधपुर पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग द्वारा सिरोही के पूर्व कांग्रेस विधायक संयम लोढ़ा को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश का भंडाफोड़ किया है।
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Sep 26, 2026
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Lawrence bishnoi gang targets Samyam Lodha case - Related PIC

राजस्थान में संगठित अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के हाथ एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला लगा है। सिरोही जिले के शिवगंज क्षेत्र से सामने आई इस जानकारी के मुताबिक, कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश रची गई थी। जोधपुर में हाल ही में गिरफ्तार किए गए गैंग के दो कुख्यात शार्प शूटरों से जब पुलिस ने गहन पूछताछ की, तो पता चला कि वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने पूर्व विधायक के फार्म हाउस की गहन रेकी की थी। शूटरों ने फार्म हाउस के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था और पूर्व विधायक की दिनचर्या की पूरी जानकारी जुटा ली थी।

जांच में यह भी सामने आया है कि जब शूटर सिरोही पहुंचे थे, तो हरियाणा के एक संदिग्ध व्यक्ति ने उनकी हरसंभव मदद की थी। उस संदिग्ध ने शहर के एक मोटरसाइकिल शोरूम से नई बाइक खरीदकर इन शूटरों को उपलब्ध कराई थी, ताकि वे आसानी से आवाजाही कर सकें। हालांकि, पूर्व विधायक के फार्म हाउस पर पार्षदों की बाड़ाबंदी और समर्थकों की भारी भीड़ होने के कारण शूटरों को मौका नहीं मिल पाया, जिसके बाद उनका प्लान बदल दिया गया।

इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की निगरानी एजीटीएफ के एडीजी दिनेश एमएन और जोधपुर पुलिस कमिश्नर अंशुमान भोमिया कर रहे हैं, और पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस पूरी साजिश के पीछे मुख्य मास्टरमाइंड कौन था?

आखिर क्यों निशाने पर थे संयम लोढ़ा? संभावित कारण

पूर्व कांग्रेस विधायक संयम लोढ़ा (Photo- File Photo)

जानकारी के मुताबिक़ राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और संयुक्त जांच टीमों की पूछताछ में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटरों ने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को निशाना बनाने के पीछे कई संभावित कारण और दावे बताए हैं।

पारिवारिक या वैचारिक मतभेद का दावा: गिरफ्तार किए गए शार्प शूटरों (जसकरण सिंह और राजिंदर उर्फ बिल्ला) ने पुलिस पूछताछ में प्राथमिक तौर पर यह दावा किया है कि पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और उनके भाई के बीच कुछ गहरे वैचारिक या पारिवारिक मतभेद थे। शूटरों के मुताबिक, इसी रंजिश के चलते उन्हें निशाना बनाने की योजना बनाई गई थी।

गैंगस्टर नेटवर्क और सुपारी का कोण: इस पूरी साजिश को विदेश में बैठे लॉरेंस गैंग के मुख्य गुर्गों (जैसे आर्जू बिश्नोई और सुमित सन्नी) द्वारा ऑपरेट किया जा रहा था। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या गैंग को राजस्थान के ही किसी स्थानीय विरोधी द्वारा 'सुपारी' या इनपुट दिए गए थे।

रंगदारी या वर्चस्व की कोशिश: पुलिस इस पहलू को भी खारिज नहीं कर रही है कि मारवाड़ क्षेत्र में लॉरेंस गैंग अपना डर और वर्चस्व कायम करने के लिए बड़े नेताओं या व्यापारियों को टारगेट करने की फिराक में रहता है।

पुलिस का आधिकारिक रुख

राजस्थान पुलिस और एजीटीएफ (AGTF) के अधिकारियों का कहना है कि शूटरों द्वारा दिया गया 'पारिवारिक मतभेद' का बयान शुरुआती है। इस हत्याकांड की साजिश के पीछे की असली वजह, इसके पीछे छिपे मुख्य मास्टरमाइंड (जिसने सुपारी दी) और स्थानीय मुखबिरों का पता लगाने के लिए पुलिस अभी पूरी मुस्तैदी से जांच कर रही है।

शूटरों को बदलना पड़ा खतरनाक प्लान

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों शार्प शूटर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से ही सिरोही पहुंचे थे। उन्होंने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा के फार्म हाउस की कई बार रेकी की थी।

लेकिन संयोगवश उन दिनों फार्म हाउस पर पार्षदों की बाड़ाबंदी के चलते भारी संख्या में समर्थकों और स्थानीय लोगों का जमावड़ा लगा हुआ था। लगातार बनी भीड़ और सुरक्षा के कड़े पहरे के कारण शूटरों को वहां अपनी साजिश को अंजाम देने का कोई मौका नहीं मिला।

जब उन्हें लगा कि भीड़ के बीच हमला करना असंभव है, तो उन्होंने अपना प्लान बदल दिया और वहां से जोधपुर की ओर निकल गए। हालांकि, सतर्क एजेंसियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए जोधपुर में ही दोनों शूटरों को धर दबोचा।

पकड़े गए शार्प शूटरों की पहचान जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सन्नी उर्फ कट्टा (निवासी फाजिल्का, पंजाब) तथा राजिंदर उर्फ बिल्ला (निवासी अबोहर, पंजाब) के रूप में हुई है, जिन पर पुलिस ने पहले से ही 5-5 लाख रुपए का भारी इनाम घोषित कर रखा था।

तुर्की-ऑस्ट्रिया के खतरनाक विदेशी हथियार मिले

इस मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, पुलिस को पाली जिले से एक और सुराग हाथ लगा। जांच टीम को पाली जिले में ढोला गांव के पास हाईवे से करीब 200 मीटर दूर सुनसान झाड़ियों में कपड़े के थैले में छिपाकर रखे गए अत्याधुनिक विदेशी हथियारों का जखीरा मिला।

हथियारों की खेप: बरामद किए गए हथियारों में तुर्की में बनी अत्याधुनिक 'जिगाना पिस्टल', ऑस्ट्रिया में बनी 'ग्लॉक पिस्टल', 4 मैगजीन और 36 जिंदा कारतूस शामिल हैं।

साजिश का कनेक्शन: पुलिस इस बात की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कर रही है कि इन विदेशी हथियारों को सीमा पार या अन्य माध्यमों से लाकर यहां किसने छिपाया था और क्या इनका इस्तेमाल पूर्व विधायक पर हमले के लिए किया जाना था।

हरियाणा कनेक्शन: खरीदी बाइक, 14 घंटे होटल में रुके

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि पंजाब से आए इन दोनों शूटरों को स्थानीय स्तर पर लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाला एक हरियाणा का संदिग्ध व्यक्ति भी पुलिस के रडार पर आ चुका है। उस संदिग्ध ने सिरोही के एक स्थानीय मोटरसाइकिल शोरूम से नई बाइक खरीदी थी, जो सीसीटीवी फुटेज में भी साफ नजर आ रहा है।

इसके अलावा, वारदात से पहले ये शूटर सिरोही के अरावली क्षेत्र के पास एक होटल में लगभग 14 घंटे तक ठहरे थे। जांच में सामने आया कि उन्होंने 17 सितंबर की शाम को फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करके होटल में कमरा किराए पर लिया था। उस पूरी रात उन्होंने खाना नहीं खाया और केवल नशा करते रहे, और अगली यानी 18 सितंबर की सुबह होटल से चुपचाप निकल गए। पुलिस ने होटल पहुंचकर इस बात की पूरी तस्दीक कर ली है।

AGTF कर रही है नेटवर्क के हर तार की पड़ताल

जोधपुर में गिरफ्तारी के बाद जब इन शार्प शूटरों के पास से पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की फोटो बरामद हुई, तो सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई। हालांकि स्थानीय एसपी ने इसे एक रूटीन सुरक्षा उपाय बताया है, लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए पूर्व विधायक की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर दी गई है।

दो दिन पहले एजीटीएफ के अधिकारी दोनों आरोपियों को लेकर शिवगंज पहुंचे थे, जहां घटनास्थल और उन सभी जगहों की 'मौका तस्दीक' कराई गई जहां-जहां ये शूटर ठहरे थे या जिन्होंने इनकी मदद की थी। पुलिस ने इस मामले में हरियाणा से 3 संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है, जबकि 7 से 8 अन्य संदिग्ध भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। पूछताछ में मारवाड़ क्षेत्र के कुछ अन्य कारोबारियों की भी रेकी किए जाने की सुगबुगाहट सामने आई है, जिस पर पुलिस बारीकी से काम कर रही है।

Updated on:
26 Sept 2026 12:00 pm
Published on:
26 Sept 2026 11:59 am
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