सिरोही

सिरोही निकाय चुनाव: लगातार चौथी बार अनारक्षित सीट घोषित, बीजेपी और कांग्रेस में टिकट दावेदारी की होड़ तेज

Sirohi Nikay Chunav: सिरोही निकाय चुनाव में जिला प्रमुख की सीट लगातार चौथी बार अनारक्षित घोषित हुई है। वहीं परिसीमन के बाद वार्डों की संख्या 21 से बढ़कर 27 हो गई है। दोनों पार्टियों के बीच टिकट को लेकर घमासान तय है।
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Aug 14, 2026
Sirohi Nikay Chunav
सिरोही. जिला परिषद कार्यालय (Photo-Patrika)

सिरोही / आबूरोड. स्वायत्त शासन विभाग की ओर से गुरुवार को प्रदेश के 41 जिला परिषदों के प्रमुखों के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। जिसमें सिरोही जिला परिषद में जिला प्रमुख पद के लिए लगातार चौथी बार अनारक्षित सीट खुली है। हालांकि वर्ष 2015 में अनारक्षित महिला सीट थी। इस बार फिर से अनारक्षित सीट आने से प्रमुख पद के टिकट की दौड़ के लिए भाजपा और कांग्रेस में घमासान होना तय है।

पहले थे 21, अब बढ़कर हुए 27 वार्ड

सिरोही जिले के अंतर्गत आयोजित हुए पिछले जिला परिषद चुनावों तक कुल वार्डों की संख्या 21 थी। लेकिन इस बार परिसीमन में वार्ड की संख्या बढ़ गई है। यह संख्या बढ़कर 27 हो गई है। वार्डों की संख्या में हुए इस विस्तार के परिणामस्वरूप, इस बार आयोजित होने वाले चुनावों में क्षेत्र के संपूर्ण राजनीतिक एवं सियासी समीकरणों पर व्यापक असर पड़ने और प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। दोनों पार्टियों के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अभी से ही अपनी-अपनी गतिविधियों, भाग-दौड़ और रणनीतिक तैयारियों को तेजी से शुरू कर दिया है।

लगातार दो बार भाजपा के प्रमुख

सिरोही जिले में लगातार दो बार के चुनावों में सामान्य सीट पर भाजपा के जिला प्रमुख बने हैं। गत बार वर्ष 2021 में भाजपा के अर्जुनराम पुरोहित जिला प्रमुख बने थे। उन्हें 17 व कांग्रेस के उम्मीदवार हरीश चौधरी को पांच मत मिले थे। पुरोहित से पहले अनारक्षित महिला सीट से भाजपा की पायल परसरामपुरिया जिला प्रमुख बनी थीं। जबकि उनसे पहले कांग्रेस के चंदनसिंह देवड़ा जिला प्रमुख थे। उस दौरान भी अनारक्षित सीट थी। हालांकि उस समय भी भाजपा का बहुमत आया था, लेकिन क्रॉस वोटिंग में कांग्रेस ने सीट पर कब्जा जमाया और चंदनसिंह देवड़ा ने जीत हासिल की। अब लगातार चौथी बार अनारक्षित सीट आने से जिला प्रमुख टिकट के दावेदारों की संख्या बढ़ गई है।

कांग्रेस का रहा दबदबा

सिरोही जिले में 10 वर्ष से पूर्व की स्थिति देखें तो विधानसभा चुनावों के उलट जिला परिषद में कांग्रेस का दबदबा रहा है। 1990 के बाद कांग्रेस के जिला प्रमुख अधिक रहे हैं। पायल परशुरामपुरिया भाजपा से पहली महिला जिला प्रमुख बनीं। इसके बाद लगातार दूसरी बार फिर से भाजपा ने कब्जा जमाया और अर्जुन पुरोहित प्रमुख बने। इस बार सभी की निगाहें इस सीट पर टिकी हैं।

Updated on:
14 Aug 2026 11:12 am
Published on:
14 Aug 2026 11:12 am