ट्रेलर के चालक ने बीच रास्ते में ही बेच डाले गेहूं के 232 कट्टे, चालक के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज
मंडार. अयोध्या से गांधीधाम (गुजरात) के लिए एक ट्रेलर में गेहूं के 585 कट्टे भर कर जा रहे चालक ने बीच रास्ते में ही 232 कट्टे बेचकर करेली के पास ही ट्रेलर को लावारिस हालत में छोडक़र फरार हो गए। ट्रेलर में लगे जीपीएस के माध्यम से जानकारी मिलने तथा ड्राइवर के मोबाइल स्विच ऑफ करने के बाद मौके पर पहुंचे ट्रक मालिक ने चालकों के खिलाफ चोरी तथा धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने ट्रेलर में शेष बचे 353 कट्टे मालखाना में रखवाकर वाहन को जब्त किया। पुलिस आरोपियों की सघन तलाश कर रही है। थाना प्रभारी अशोक ङ्क्षसह ने बताया कि जयपुर जिले के शाहपुरा ढाणी नौलखा की तन खोरालाडखानी वाया गठवाड़ी निवासी रामङ्क्षसह ङ्क्षजजवाडिया पुत्र फूलचंद ङ्क्षजजवाडिया जाट ने रिपोर्ट देकर बताया कि उसके पास एक ट्रेलर है, जो जयपुर पाङ्क्षसग है। जिसको 13 अप्रेल को अयोध्या धाम एग्रो फूड, वरुण बा•ाार, अयोध्या ( फै•ााबाद-उप्र) से गेहूं के 585 कट्टे भरे थे। उसके पुराने चालक अलवर के प्रतापगढ़ चौसला निवासी कालूराम गुर्जर पुत्र पन्नाराम गुर्जर निवासी चौसला ने उसके पास चालक जयपुर बघरना मारवाड़ कच्ची बस्ती निवासी किशनलाल पुत्र अर्जुनलाल को उसके पास भेजा। भेजा गया चालक किशनलाल गेहूं से भरी गाड़ी चलाकर गांधीधाम (गुजरात) के लिए निकला था। 16 अप्रेल को उक्त गाड़ी लेकर चालक अयोध्या (फैजाबाद) से मनोहरपुर आया। बाद में वह मनोहरपुर से वाया सिरोही होते हुए गांधीधाम के लिए रवाना हुआ था। गाड़ी में जीपीएस लगा हुआ होने से वह गाड़ी की लोकेशन देख रहा था। गाड़ी सही समय पर नहीं चल रही थी, तो उसने चालक को फोन किया। चालक ने उसे बताया उसकी तबीयत थोड़ी खऱाब है। लेकिन, वह गाड़ी को सही समय पर गांधीधाम पहुंचा देगा। इस प्रकार चालक 19 अप्रेल तक गाड़ी को करेली मोड तक लेकर आया। उसके बाद चालक ने अपना फोन बंद कर दिया। आधे से ज्यादा गाड़ी में से करीब आधे गेहू के कट्टे बेचकर खुर्द-बुर्द कर दिए। चालक को उसने मनोहरपुर गठवाड़ी से रोकड़ 21 हजार दिलवाए थे व 5 हजार रुपए खाते में डलवाए थे। गाड़ी मे 339 लीटर डीजल भरवाकर भेजा था। जिसमें से शेष डीजल भी बेच दिया और गाड़ी को लावारिस हालत में छोडक़र भाग गया। फोन भी बंद करके गाड़ी में ही छोड़ गया। उसने पुराने पहले वाले चालक को फोन किया तो उसका भी फोन बंद मिला। जिसकी सूचना गाड़ी पर अंकित उसके मोबाइल नम्बर पर फोन कर किसी व्यक्ति ने उसे व पुलिस को सूचना दी, जिससे पुलिस ने गाड़ी के पास जाकर मुझे फोन कर बताया। मौके पर आकर देखा तो गाड़ी का माल आधे से ज्यादा खाली था। गाड़ी के असली दस्तावेज एवं माल के दस्तावेज भी गायब थे। रिपोर्ट में बताया कि उसके पूर्व चालक एवं वर्तमान चालक ने आपस में मिलीभगत कर उसका लाखों रुपयों का माल चोरी कर कहीं बेच दिया। बिना सूचना दिए गाड़ी को बीच रास्ते में ही छोडक़र कर भाग गया