सिरोही

हत्या के जुर्म में दो जनों को आजीवन कारावास

2016 का मामला : पांच हजार का अर्थदण्ड भी लगाया
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Aug 21, 2018
sirohi
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आबूरोड. अपर जिला व सेशन न्यायाधीश -२ ने हत्या के जुर्म में पति और उसके मित्र को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों को पांच-पांच हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया। मामले में घटना के कुछ दिनों में ही उपचार के दौरान पीडि़ता की मृत्यु हो गई थी।
जानकारी के अनुुसार परिवादी अनादरा हाल ईदगाह रोड के पास निवासी हीना बानो पत्नी मोहम्मद सलीम ने आबूरोड यूपीएचसी के इमरजेंसी रूम में ९ दिसम्बर २०१६ को पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसकी शादी को बारह वर्ष हो गए हैं। उनके तीन बच्चे भी है। उनका पति मोहम्मद सलीम पुत्र निसार अहमद मजदूरी का काम करता है। वह गैस के चूल्हे पर रोटी बना रही थी। तभी उनका पति व उसका साथी अहमदाबाद हाल आबकारी मिलकोठी दरगाह रोड निवासी इमरान खान पुत्र शेर खान पठान रसोई में आए। उनके पति ने उस पर केरोसिन डाला और इमरान ने आग लगाई। जिससे वह जलने पर चिल्लाने लगी। इस पर मकान में रहने वाले किराएदार भाग कर आए और उस पर पानी डाला। उनके पति ने उन्हें टेम्पो में अस्पताल लाया। महिला को उपचार के लिए उदयपुर रेफर किया गया। जहां उसकी कुछ दिनों में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
अस्पताल में मौजूद
थे आरोपी
घटना के बाद अस्पताल में भी दोनों आरोपी मौजूद थे। मौत के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने मौका स्थल से केरोसिन का डिब्बा व माचिस बरामद की। इस पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत
किया गया।
सात वर्षीय पुत्र की गवाही ने निभाई
अहम भूमिका
न्यायालय में विचारान के दौरान कुल २२ गवाह प्रस्तुत किए गए। अपर लोक अभियोजक धर्मेंद्र राजपुरोहित ने विभिन्न गवाहों को प्रस्तुत कर पक्ष रखा। इस दौरान घटना व आरोप प्रमाण करने में चश्मदीद गवाह मृतका के सात वर्षीय पुत्र ने अहम भूमिका निभाई। घटना के समय वह घर में ही टीवी देख रहा था। अभियोजन पक्ष के तर्कों से सहमत होकर अपर जिला व सेशन न्यायाधीश-२ दलपतसिंह राजपुरोहित ने दोनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

Published on:
21 Aug 2018 09:38 am