
हाल ही में सिरोही जिला मुख्यालय से आबूरोड आकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने शहर के एक गेस्ट हाउस के रेस्त्रां में कार्रवाई की। दरअसल गेस्ट हाउस का रेस्त्रां जुआ व शराब का अड्डा बना हुआ था, जो कार्रवाई के दौरान पकड़ा गया। पुलिस ने दस हजार रुपए की जुआ राशि और शराब की तीन सौ बोतलें पकड़ी। पुलिस की इस कार्रवाई से शहरवासियों को पता चला कि उसमें जुए व शराब का अड्डा भी चल रहा था। पहले भी अम्बाजी रोड स्थित एक गेस्ट हाउस, पुराना चेक-पोस्ट पर स्थित एक होटल व पांच बंगला रोड पर स्थित एक निजी गेस्ट हाउस से जिस्म फरोशी के रैकेट पकड़े जा चुके हैं। सिर्फ पांच बंगला रोड स्थित निजी गेस्ट हाउस को छोड़ दें तो गेस्ट हाउस व होटल में कार्रवाई के लिए भी सिरोही पुलिस को आबूरोड तक की दौड़ लगानी पड़ी थी। इससे यह जाहिर होता है कि या तो शहर पुलिस के पास मुखबिरों का तंत्र नहीं है या है तो वह निष्क्रिय है। काफी सम्भव है कि जो लोग मुखबिरी करते हैं, उन्हें शहर पुलिस पर भरोसा ही नहीं रहा हो, इसलिए ही वे सिरोही में सीधे अधिकारियों को सूचना देना उचित मानते हो।
सूचना देने पर कार्रवाई होती है फौरी
पुलिस की मुखबिरी करने वाले एक सूत्र ने बताया कि सूचना देने पर पुलिस कार्रवाई तो करती है पर वह कार्रवाई फौरी होती है। नाश्ता गली में जिस गेस्ट हाउस के रेस्तरां पर कार्रवाई हुई, वहां के बारे में पहले भी दो बार पुलिस को सूचना दी गई थी। बेशक पुलिस ने दोनों बार कार्रवाई तो की, लेकिन यह कार्रवाई इतनी फौरी थी कि गेस्ट-हाउस के रेस्त्रां संचालक में कोई भय पैदा नहीं हुआ। आबकारी विभाग ने भी एक बार फौरी कार्रवाई कर मामले को समेट लिया। ऐसी स्थिति में कोई पुलिस को क्यों जानकारी देगा। सूत्र का कहना था कि भय पैदा हुआ होता तो लगातार चौथी बार कार्रवाई क्यों होती। कार्रवाई से यह भी जाहिर हो गया कि हालांकि, शहर पुलिस को साथ तो रखा गया, पर कार्रवाई सिरोही से आईं एएसपी की देखरेख में ही हुई। सूत्रों का यह भी कहना था कि पूर्व में पुलिस पुख्ता कार्रवाई करती तो किसी मुखबिर को सिरोही से पुलिस अधिकारियों को यहां क्यों आना पड़ता।
चैकिंग भी करती है पर नाम मात्र की
ऐसा नहीं है कि ये सारे गेस्ट हाउस या रेस्त्रां यूं ही चल रहे हैं और पुलिस समय-समय पर इन्हें नहीं खंगालती। पुलिस का रोजनामचा देखा जाए तो उसमें ऐसी कई इंट्रियां मिल जाएंगी, जिनमें होटलों, गेस्ट-हाउस व रेस्त्रां की चैकिंग की इन्ट्री मिल जाएंगी। पूर्व में पुराना चेक-पोस्ट पर स्थित एक होटल व अम्बाजी रोड पर स्थित एक गेस्ट हाउस में जिस्म फरोशी के मामले पकड़े जा चुके हैं। उस समय भी सिरोही पुलिस को आबूरोड आना पड़ा था। यदि पुलिस नियमानुसार समय-समय पर इनकी चैकिंग करती रहती है तो पुलिसकर्मियों को ऐसी आपराधिक गतिविधियों के बारे में जानकारी क्यों नहीं मिल पाती, यह यक्ष प्रश्न है। पिछले दिनों जिस गेस्ट हाउस के रेस्त्रां में जुआ व शराब का अड्डा पकड़ा गया, वह शहर के सबसे व्यस्तम स्टेशन रोड से सटकर नाश्ता गली में है। वहां दिनभर लोगों की भीड़-भाड़ रहती है। यदि ऐसे स्थल पर यह हाल है तो शहर की गलियों में या हाई-वे पर स्थित गेस्ट-हाउसों में सबकुछ ठीक-ठाक चला रहा होगा, कौन मानने को तैयार होगा।
सूचना पर करनी होगी कार्रवाई
मुखबिर के अलावा भी यदि कोई शहरवासी कहीं आपराधिक या असामाजिक गतिविधियां चल रही होने की सूचना पुलिस को दें तो उस पर पुलिस को ठोस कार्रवाई करनी होगी, तभी पुलिस पर लोगों का भरोसा होगा। अन्यथा यूं ही लोग सिरोही में बैठने वाले आला अधिकारियों को सूचना देते रहेंगे और वे आबूरोड आकर कार्रवाई करते रहेंगे। इससे शहर पुलिस की साख पर बट्टा लगना लाजिमी है।
इन्होंने बताया ...
ऐसा बिल्कुल नहीं है। वैसे हम समय-समय पर होटलों व रेस्त्रां की चैकिंग करते रहते हैं। सूचना मिलने या कोई संदेहास्पद लगने पर तो हम खास कार्रवाई करते हैं। पिछले दिनों जिस गेस्ट हाउस के रेस्त्रां में एएसबी साहिबा ने कार्रवाई की, उसी रेस्त्रां में हम करीब डेढ़ महीने पूर्व ही कार्रवाई कर चुके हैं। पहले क्या और कैसे होता था, इसकी मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है, पर मेरे कार्यकाल में तो ऐसी कई कार्रवाइयां की है।
- हंसाराम सीरवी, सीआई, आबूरोड शहर थाना।