
Rajasthan Top Opium Smuggler Arrested (Photo-AI)
चित्तौडगढ़: मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को बड़ी सफलता मिली है। एएनटीएफ ने राजस्थान पुलिस के शीर्ष तस्करों की सूची में शामिल और 25 हजार रुपए के इनामी आरोपी सुखलाल आंजना (32) को चित्तौडगढ़ के ओछड़ी टोल नाके के पास से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले करीब एक साल से पुलिस को चकमा देकर लगातार फरार चल रहा था।
पुलिस महानिरीक्षक (ANTF) विकास कुमार ने बताया कि आरोपी मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले का निवासी है। आरोपी के खिलाफ राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात इन तीनों राज्यों में एनडीपीएस एक्ट और जानलेवा हमले (हत्या के प्रयास) सहित कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी की गिरफ्तारी में शामिल पूरी एएनटीएफ टीम को इस कार्य के लिए पुरस्कृत और सम्मानित किया जाएगा।
आईजीपी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी सुखलाल ने महज आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। इसके बाद उसने खेती-किसानी शुरू की, लेकिन वहां कोई खास मुनाफा नहीं मिला। जल्दी और ज्यादा पैसा कमाने की चाह में उसने शराब का कारोबार शुरू किया और शराब के ठेके लिए। हालांकि, शराब कारोबार में भी उसे लगातार भारी नुकसान उठाना पड़ा, जिससे वह गहरे कर्ज में डूब गया।
कर्ज चुकाने और रातों-रात अमीर बनने के लालच में उसने अवैध अफीम तस्करी का खतरनाक रास्ता चुना। आरोपी के पिता के पास केंद्र सरकार से स्वीकृत वैध अफीम खेती का पट्टा था। इसके कारण सुखलाल को अफीम उत्पादन, उसकी कीमतों और इस धंधे के नेटवर्क की बारीक जानकारी पहले से थी। उसने अपने पिता के पट्टे की आड़ ली और अपने खेत के साथ-साथ आसपास के किसानों से भी अवैध रूप से अफीम जुटाना शुरू कर दिया। इसके बाद वह राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के बड़े तस्करों को सप्लाई कर मोटा मुनाफा कमाने लगा।
पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए आरोपी बेहद सतर्क और शातिर तरीके से काम करता था। आरोपी हर बार खुद माल लेकर नहीं जाता था। वह अक्सर प्राइवेट बसों में कूरियर और पार्सल के जरिए अफीम की खेप भेजता था। सर्विलांस और लोकेशन ट्रेसिंग से बचने के लिए वह साधारण फोन कॉल के बजाय केवल व्हाट्सएप कॉल का इस्तेमाल करता था। डिलीवरी के दौरान वह बार-बार रास्ते और गाड़ियां बदलता था। वह खुद को केवल अफीम पहुंचाने और पेमेंट लेने तक सीमित रखता था, ताकि उसके गिरोह के अन्य लोगों के नाम सामने न आएं।
हाल ही में एएनटीएफ को सटीक मुखबिर से सूचना मिली थी कि सुखलाल आंजना अपनी काले रंग की महिंद्रा थार गाड़ी से भीलवाड़ा में एक शादी समारोह में भाग लेने आया है और कार्यक्रम के बाद चित्तौडगढ़ होकर मंदसौर (मध्य प्रदेश) स्थित अपने गांव लौटेगा।
सूचना पर एएनटीएफ की एक विशेष टीम सादे कपड़ों में चित्तौडगढ़-भीलवाड़ा हाईवे पर तैनात हो गई। जैसे ही काले रंग की संदिग्ध थार गाड़ी दिखाई दी, पुलिस टीम ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। पीछा भांपकर आरोपी ने अपनी गाड़ी को भीलवाड़ा रोड से उदयपुर रोड की तरफ मोड़ दिया और फिर यू-टर्न लेकर कोटा रोड की तरफ भागने की पूरी कोशिश की।
हालांकि, एएनटीएफ की दूसरी बैकअप टीम पहले से ही निंबाहेड़ा रोड स्थित ओछड़ी टोल नाके पर घेराबंदी किए खड़ी थी। जैसे ही थार टोल नाके के पास पहुंची, दोनों टीमों ने उसे चारों तरफ से घेरकर गाड़ी रुकवाई और आरोपी को दबोच लिया।
राजस्थान में दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद से वह फरार था। दौसा एसपी ने उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। गुजरात में वर्ष 2025 में गांधीनगर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। वर्ष 2026 में मध्यप्रदेश के नाहरगढ़ थाने में उसके खिलाफ मारपीट और हत्या के प्रयास (जानलेवा हमला) का केस दर्ज किया गया।
आईजीपी विकास कुमार ने बताया कि मध्यप्रदेश अवैध अफीम नेटवर्क का बड़ा केंद्र माना जाता है। इसी कारण एएनटीएफ लगातार वहां के नेटवर्क पर नजर रख रही है। इस विशेष अभियान में मध्यप्रदेश से पकड़ा जाने वाला सुखलाल 11वां बड़ा तस्कर है।
Updated on:
22 Jul 2026 09:12 pm
Published on:
22 Jul 2026 09:12 pm
